समुद्र तट पर तारकोल में सने नजर आए कछुए, जानिए इन्हें क्यों खिलाया जा रहा मेयोनीज और वनस्पति तेल

इजरायल में हुए तेल रिसाव से समुद्री जीव बुरी तरह जूझ रहे हैं। समुद्र में तेल रिसाव के कई दिन बाद भी इसका सटीक कारण पता नहीं चल पाया पाया है। कहा जा रहा है कि इसकी वजह जहाज से तेल का रिसना हो सकता है।

समुद्र तटों के किनारे पहुंच रहे सैकड़ों कछुए तारकोल से सने नजर आ रहे हैं। इजरायल का नेशनल सी टर्टल रेस्क्यू सेंटर इन्हें बचाने में जुटा हुआ है। रेस्क्यू सेंटर के मेडिकल असिस्टेंट गाय इवगी का कहना है, तेल रिसाव होने के कारण कछुओं पर काले तारकोल की मोटी लेयर बन गई है।

कछुओं को सीरिंज की मदद से मेयोनीज खिलाई जा रही है।
कछुओं को सीरिंज की मदद से मेयोनीज खिलाई जा रही है।

मेयोनीज कछुओं में जमे टार को बाहर निकालेगा
इवगी कहते हैं, कछुओं के गले तक तारकोल भर चुका है। इलाज के दौरान पहले कछुओं को वनस्पति तेल पिलाकर तारकोल पतला किया जा रहा है और फिर मेयोनीज देकर उसे उनके पेट से हटाया जा रहा है। दोनों ही चीज इनके शरीर की सफाई करने का काम करेगी।

इवगी के मुताबिक, इनकी रिकवरी में करीब 2 हफ्ते का समय लगेगा। इसके बाद इन्हें वापस जंगलों में छोड़ दिया जाएगा। अब तक 11 कछुओं का इलाज किया जा चुका है।

195 किमी के दायरे में फैला टार

कछुओं को बचाने के लिए सैंकड़ों वॉलंटियर्स जुटे हुए हैं। इजरायल के पर्यावरण संरक्षण मंत्रालय का कहना है, जांच के जरिए पता लगाया जा रहा है कि समुद्र में तेल कैसे फैला। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फरवरी की शुरुआत में तेल फैलना शुरू हुआ था। समुद्र में यह टार करीब 195 किलोमीटर के दायरे में फैला है। समुद्रतटों और आसपास के हिस्से में लगातार सफाई की जा रही है।

अब तक 11 कछुओं का इलाज किया जा चुका है, इन्हें रिकवर होने में दो हफ्तों का समय लग सकता है।
अब तक 11 कछुओं का इलाज किया जा चुका है, इन्हें रिकवर होने में दो हफ्तों का समय लग सकता है।

गंध से बीमार हुए लोग अस्पताल में भर्ती

इजरायल के ‘नेचर एंड पार्क्स अथॉरिटी’ ने इस घटना को आपदा करार दिया है, जिससे समुद्री जीव-जंतुओं के लिए खतरा पैदा हो गया है। कई एनजीओ तेल की परत हटाने में जुटे हैं, लेकिन इनमें से कई लोग इसकी गंध के चलते बीमार हो गए जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

समुद्रतटों पर कुछ इस तरह से तारकोल से सने नजर आ रहे हैं कछुए।
समुद्रतटों पर कुछ इस तरह से तारकोल से सने नजर आ रहे हैं कछुए।