गाजर-💧रस के लाभकारी ⚙️प्रयोग….
🔹आरोग्यशक्तिवर्धक गाजर में विटामिन बी कॉम्प्लेक्स होता है, जो पाचन संस्थान को शक्तिशाली बनाता है व पेट के अनेक रोगों में लाभकारी है I
🔹यह भोजन पचाने में मदद करता है तथा मल साफ़ लाता है I लम्बी बीमारी के बाद उसकी क्षतिपूर्ति करने में गाजर का रस बहुत ही प्रभावकारी है I यह रोगी को चुस्त, तरोताजा और शक्तिशाली बनाता है I
🔹मस्तिष्क-शक्तिवर्धक : इससे मस्तिष्क को शक्ति मिलती है व थकान दूर होती है I यह अनिद्रा रोग में लाभकारी है I
🔹माताओं के लिए : माताओं को सगर्भावस्था में गाजर का रस पीते रहने से शरीर में लौह तथा कैल्शियम की कमी नहीं रहती I दुग्धपान कराने वाली माताओं को भी रोज सुबह गाजर का रस पीना चाहिए I इससे उनके दूध की गुणवत्ता बढ़ती है I
🔹दाँतो की मजबूती : ७ मि.ली. गाजर का रस प्रतिदिन पीने से मसूड़ों व दाँतो की जड़ें मजबूत बनती हैं और दाँतों के रोग पैदा नहीं होते I
🔹नेत्रज्योति की वृद्धि : १२५ -१२५ मि.ली. पालक और गाजर का रस मिलाकर सेवन करते रहने से दृष्टि की कमजोरी दूर हो जाती है I
🔹लाल रक्तकण बढ़ाने हेतु : २५० मि.ली. गाजर के रस में पालक का रस मिलाकर पियें I
🔹बच्चों की दुर्बलता दूर करने हेतु : २-३ चम्मच गाजर का रस दुर्बल बच्चों को प्रतिदिन ३ बार पिलाने से बच्चे हृष्ट-पुष्ट हो जाते हैं I
🔹दुग्धपान करते बच्चों के लिए : बच्चों को गाजर का रस पिलाने से उनके दाँत सरलता से निकलते हैं और दूध भी ठीक से पचता है I
🥕गाजर 💧रस के 🍶औषधीय ⚙️प्रयोग….
🔹कैंसर : गाजर में पाया जाने वाला केरोटिन नामक औषधीय तत्व कैंसर-नियंत्रण में उपयोगी है I ल्युकेमिया (ब्लड कैंसर) और पेट के कैंसर में यह लाभप्रद है I
🔹चर्मरोग : गाजर का रस कीटाणुनाशक है व संक्रमण को दूर करता है I इससे रक्त शुद्ध होकर खुजली, फोड़े-फुन्सीयों व कील-मुँहासों में लाभ होता है I रोगी के पीले चेहरे का रंग गुलाबी हो जाता है I
🔹कब्ज : २५० मि.ली. गाजर के रस में ५० मि.ली. पालक का रस और थोड़ा सा नींबू का रस मिलाकर पियें I नमक न मिलायें I
🔹मात्रा : एक बार में एक गिलास (२५० मि.ली.) से अधिक रस न पियें I
🔸सावधानी : 🔸
🔹(१) गाजर खाने के बाद तुरंत पानी न पियें I
🔹(२) गाजर के बीच का पीला भाग निकालकर ही गाजर का उपयोग करना चाहिए I

