रायपुर। NEET पेपर लीक के विरोध में शुरू हुआ आंदोलन अब छत्तीसगढ़ की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है। रायपुर में कांग्रेस और भाजपा के प्रदर्शन के दौरान हुए बवाल के बाद पुलिस ने कांग्रेस के 12 नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान पथराव, बोतलें, लकड़ियां और जूते फेंके गए, जिससे 16 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी घायल हुए। वहीं कांग्रेस ने इसे पूरी तरह एकतरफा कार्रवाई बताते हुए सरकार और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
रायपुर बवाल के बाद दर्ज हुई FIR
खम्हारडीह थाना पुलिस ने थाना प्रभारी की शिकायत पर कांग्रेस के 12 नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की गई और पुलिस बल पर हमला किया गया। घटना में कई पुलिसकर्मियों के घायल होने के बाद पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला अस्पताल पहुंचे और घायल जवानों का हालचाल जाना।
पुलिस का दावा- पथराव और हिंसा हुई
पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने पत्थर, कांच की बोतलें, लकड़ियां और जूते फेंके। इस घटना में 16 पुलिसकर्मी घायल हुए। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और वीडियो फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।
कांग्रेस ने कार्रवाई को बताया एकतरफा
एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस ने सरकार और पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाया है। कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय पर हमला किया, जबकि पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर आंसू गैस और बल प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की शिकायत राज्यपाल से की जाएगी और निष्पक्ष जांच की मांग की जाएगी।
अरुण साव बोले- कानून सबके लिए समान
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी और कानून सभी के लिए समान है।
भूपेश बघेल ने सरकार और पुलिस पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुख्यालय पर हमला भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया, लेकिन कार्रवाई कांग्रेस नेताओं पर की गई। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती और निष्पक्षता बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
भाजपा का पलटवार
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि भाजपा का प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था। उनके अनुसार, हिंसा और पथराव कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से किया गया, जबकि भाजपा कार्यकर्ताओं ने किसी प्रकार की हिंसक गतिविधि में हिस्सा नहीं लिया।
FIR के बाद और गरमाई सियासत
रायपुर की यह घटना अब केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं रह गई है, बल्कि भाजपा और कांग्रेस के बीच बड़ा राजनीतिक विवाद बन चुकी है। एक ओर पुलिस अपनी कार्रवाई को कानूनसम्मत बता रही है, वहीं कांग्रेस निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है। दोनों दलों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब पूरे मामले की जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है, क्योंकि दोनों प्रमुख दल इस मुद्दे को जनता के बीच जोर-शोर से उठाने की तैयारी में हैं।
