छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाला मामले से जुड़ी याचिका पर हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की ओर से कोर्ट में जवाब पेश किया गया। जवाब मिलने के बाद याचिकाकर्ताओं ने उसका अध्ययन करने और अपना पक्ष रखने के लिए अतिरिक्त समय मांगा। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की मांग स्वीकार करते हुए उन्हें प्रत्युत्तर दाखिल करने का अवसर दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह होगी।
ED के जवाब पर अब दाखिल होगा प्रत्युत्तर
डॉ. राहुल अग्रवाल एवं अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता अभिमन्यु भंडारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि ED ने सुनवाई के दिन ही अपना जवाब दाखिल किया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि जवाब का अध्ययन करने के बाद ही उसका उचित प्रत्युत्तर तैयार किया जा सकता है। हाईकोर्ट ने इस आग्रह को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई तक प्रत्युत्तर दाखिल करने की अनुमति दे दी। वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव श्रीवास्तव समेत अन्य अधिवक्ता भी याचिकाकर्ताओं की ओर से मौजूद रहे।
एक हजार करोड़ से ज्यादा की संपत्ति कुर्क करने का दावा
यह याचिका छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले की जांच से संबंधित है। ED की जांच में दुर्ग जिले के होटल सागर इंटरनेशनल से जुड़े विजय अग्रवाल और उनके भतीजे राहुल अग्रवाल के परिसरों में कार्रवाई की गई थी। जांच एजेंसी का दावा है कि राहुल अग्रवाल और विजय अग्रवाल कुछ कंपनियों में निदेशक रहे हैं और इन कंपनियों के जरिए कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन से संपत्तियां हासिल की गईं। ED की ओर से इस मामले में एक हजार करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियां कुर्क किए जाने की जानकारी पहले दी जा चुकी है। हालांकि, ये जांच एजेंसी द्वारा लगाए गए आरोप हैं और मामले में संबंधित पक्षों के दावों का न्यायिक परीक्षण जारी है।
केंद्र और ED की ओर से भी हुई पैरवी
सुनवाई के दौरान भारत संघ की ओर से अधिवक्ता अनमोल शर्मा उपस्थित रहीं। ED की ओर से विशेष अधिवक्ता जोहेब हुसैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पैरवी की, जबकि विशेष लोक अभियोजक डॉ. सौरभ कुमार पांडे भी मामले में उपस्थित रहे। अब अगली सुनवाई में याचिकाकर्ताओं के प्रत्युत्तर के बाद कोर्ट मामले से जुड़े आगे के कानूनी पहलुओं पर सुनवाई करेगा।
