रायपुर में 1 करोड़ की जमीन के विवाद में ससुर की हत्या

रायपुर में 1 करोड़ की जमीन के विवाद में ससुर की हत्या

रायपुर में करीब 1 करोड़ रुपये की जमीन की रकम को लेकर हुए विवाद में ससुर की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, बड़े दामाद हेमराज निषाद का अपने ससुर मोहन निषाद से जमीन बेचने के बाद मिले पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि इसी विवाद के दौरान हेमराज ने जीआई तार से गला घोंटकर ससुर की हत्या कर दी।

हत्या के बाद शव को चादर में लपेटकर टाटा मैजिक वाहन में रखा गया। पुलिस के अनुसार, शव को खारुन नदी में फेंककर ठिकाने लगाने की तैयारी थी। इसी दौरान धरसीवां क्षेत्र में गश्त कर रही पुलिस ने संदिग्ध वाहन को देख लिया। पुलिस को देखकर वाहन सवार दो लोग गाड़ी छोड़कर अंधेरे में फरार हो गए। जांच के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी हेमराज निषाद के अलावा उसके चाचा रोहित निषाद और दोस्त संजय निषाद को गिरफ्तार किया है।

पेट्रोलिंग के दौरान संदिग्ध टाटा मैजिक पर पड़ी नजर

घटना 4 सितंबर की रात करीब 1:15 बजे की बताई जा रही है। धरसीवां पुलिस की टीम परसतराई इलाके में नहर पुलिया के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान सामने से एक टाटा मैजिक आती दिखाई दी। पुलिस ने वाहन को रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने गाड़ी रोकने के बजाय पीछे लेना शुरू कर दिया। पूछताछ में चालक ने खुद को रावाभाठा का निवासी बताया और वाहन बुकिंग में चलने की बात कही। उसके साथ एक अन्य व्यक्ति भी मौजूद था। इसी बीच दो युवक बाइक से वहां पहुंचे। पुलिस को संदेह होने पर जब वाहन की गतिविधियों पर नजर रखी गई तो टाटा मैजिक सवार लोगों ने वहां से निकलने की कोशिश की।

पुलिस से बचने के लिए तेज रफ्तार से भगाई गाड़ी

संदेह बढ़ने पर पुलिस ने मुरेठी रोड की तरफ वाहन रोकने की कोशिश की। पुलिस को देखकर चालक ने टाटा मैजिक को तेज रफ्तार से परसतराई बस्ती की ओर दौड़ा दिया।

पुलिस ने पीछा किया। कुछ दूरी पर शीतला मंदिर के पास चालक ने वाहन रोक दिया। इसके बाद उसमें सवार दो लोग अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों की तरफ भाग गए। पुलिस ने उनकी तलाश की, लेकिन दोनों मौके से फरार होने में सफल रहे।

चादर में बंधा मिला शव

आरोपियों के भागने के बाद पुलिस ने टाटा मैजिक की तलाशी ली। वाहन के अंदर एक व्यक्ति चादर में लिपटा हुआ मिला। चादर से उसका एक पैर बाहर दिखाई दे रहा था। पुलिस ने चादर हटाकर देखा तो अंदर एक व्यक्ति का शव मिला। शव को इस तरह ले जाने की स्थिति से पुलिस को हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मॉर्च्युरी भेजा और मृतक की पहचान के साथ आरोपियों की तलाश शुरू की।

मोबाइल नंबर से मिला अहम सुराग

पुलिस ने टाटा मैजिक पर लिखे मोबाइल नंबर की जांच की। यह नंबर रावाभाठा निवासी संजय उर्फ मोरध्वज चौहान से जुड़ा मिला। इसके बाद जांच आगे बढ़ी तो मृतक की पहचान पठारीडीह निवासी मोहन निषाद के रूप में हुई। पुलिस ने मृतक के परिवार और परिचितों से पूछताछ की। इसी दौरान करीब एक करोड़ रुपये की जमीन बेचने और उसकी रकम को लेकर चल रहे विवाद की जानकारी सामने आई।

पार्टी में जमीन की रकम को लेकर फिर हुआ विवाद

पुलिस के मुताबिक, मोहन निषाद ने 3 सितंबर की रात अपने बड़े दामाद हेमराज निषाद को पार्टी के लिए बुलाया था। दोनों ने शराब पी। इसी दौरान जमीन की रकम को लेकर फिर विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि बहस बढ़ने पर हेमराज ने जीआई तार से मोहन का गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि हत्या की पूरी साजिश में अन्य आरोपियों की क्या भूमिका थी।

खारुन नदी में शव फेंकने की तैयारी का आरोप

जांच में पुलिस को आशंका है कि हत्या के बाद शव को टाटा मैजिक से ले जाकर खारुन नदी में फेंकने की योजना थी। इसी दौरान धरसीवां पुलिस की पेट्रोलिंग टीम की नजर वाहन पर पड़ गई और आरोपियों की योजना विफल हो गई। पुलिस के अनुसार, वाहन छोड़कर भागने के बाद आरोपी बस से बिलासपुर पहुंचे और रतनपुर में छिपे थे।

मुख्य आरोपी ने किया सरेंडर

पुलिस का दबाव बढ़ने के बाद मुख्य आरोपी हेमराज निषाद ने सरेंडर किया। इसके बाद पुलिस ने उसके चाचा रोहित निषाद और दोस्त संजय निषाद को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, हत्या की मूल घटना उरला थाना क्षेत्र में हुई थी। इसलिए धरसीवां पुलिस ने तीनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उरला पुलिस के हवाले कर दिया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और हत्या के पीछे की पूरी वजह, अन्य संभावित भूमिका तथा शव को ठिकाने लगाने की योजना से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है।

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