CM साय ने परिवार के साथ देखी ‘हनुमान अंश’

CM साय ने परिवार के साथ देखी ‘हनुमान अंश’

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को रायपुर के जोरा मॉल स्थित सिनेमाघर में परिवार के साथ फिल्म ‘हनुमान अंश’ देखी। इस दौरान राज्यपाल रमेन डेका और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी अपने परिवार के साथ फिल्म देखने पहुंचे। मंत्रिपरिषद के सदस्य और विभिन्न निगम-मंडल एवं आयोगों के अध्यक्ष भी इस मौके पर मौजूद रहे।

फिल्म देखने के बाद मुख्यमंत्री साय ने ‘हनुमान अंश’ को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और संत परंपरा से समाज को परिचित कराने वाली प्रेरणादायी फिल्मों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचना चाहिए।

छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री होगी ‘हनुमान अंश’

मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म को टैक्स फ्री किए जाने से प्रदेश के अधिक दर्शक इसे देख सकेंगे। खासकर युवाओं को भारत की समृद्ध संत परंपरा और जीवन मूल्यों को समझने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि भारतीय संत परंपरा ने समाज को सत्य, सेवा, करुणा, प्रेम और आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाया है। संतों ने अपने जीवन और आचरण के जरिए मानवता तथा लोककल्याण का संदेश दिया है।

नीम करौली बाबा के जीवन से मिलती है प्रेरणा

CM साय ने कहा कि नीम करौली बाबा का जीवन भारतीय संत परंपरा का प्रेरणादायी उदाहरण है। उनका जीवन मानव सेवा को ईश्वर की सच्ची सेवा के रूप में देखने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, नीम करौली बाबा ने सरल शब्दों और सहज जीवन के जरिए प्रेम, सेवा और भक्ति का संदेश दिया। उनके विचारों में मानवता और सभी के प्रति समान भाव को विशेष महत्व दिया गया है। उनका संदेश आज भी प्रासंगिक है और समाज को सकारात्मक दिशा देने की क्षमता रखता है।

सिनेमा मनोरंजन के साथ संस्कार का माध्यम

मुख्यमंत्री साय ने फिल्म के निर्माता, निर्देशक, कलाकारों और पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सिनेमा सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए विचार, संस्कार और प्रेरणा भी समाज तक पहुंचाई जा सकती है।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और संत परंपरा पर आधारित सकारात्मक फिल्में नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, परंपराओं और मानवीय मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

सेवा और सद्भाव जैसे मूल्यों को आगे बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक शक्ति हजारों वर्षों पुरानी परंपराओं और जीवन मूल्यों में निहित है। सेवा, करुणा, सद्भाव और मानव कल्याण जैसे मूल्यों को आगे बढ़ाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि ‘हनुमान अंश’ जैसी फिल्में इन मूल्यों को सरल और प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं।

नीम करौली बाबा की आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित है फिल्म

‘हनुमान अंश’ नीम करौली बाबा के जीवन, उनकी आध्यात्मिक यात्रा और सेवा-भक्ति के संदेश पर आधारित फिल्म है। फिल्म देखने के दौरान मंत्रिपरिषद के सदस्यों, निगम-मंडल और आयोगों के अध्यक्षों सहित कई गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे।

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