चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में खत्म होना है। वह 2017 से टाटा संस के चेयरमैन हैं और 2022 में उन्हें दूसरी बार पांच साल का कार्यकाल मिला था। अब बोर्ड के फैसले के बाद वह तीसरे कार्यकाल में भी टाटा संस का नेतृत्व करेंगे।
पहले दोबारा नियुक्ति से किया था इनकार
चंद्रशेखरन ने 12 अगस्त 2026 को बोर्ड को बताया था कि मौजूदा कार्यकाल खत्म होने के बाद वह दोबारा नियुक्ति के लिए खुद को पेश नहीं करेंगे। इसके बाद टाटा संस की Nomination and Remuneration Committee ने 3 सितंबर को इस मुद्दे पर चर्चा की।
टाटा संस के आधिकारिक बयान के मुताबिक, समिति ने उनके योगदान और टाटा ग्रुप के व्यापक हितों को देखते हुए उनसे अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया। 17 सितंबर की बोर्ड बैठक में चंद्रशेखरन ने इस अनुरोध को स्वीकार किया और इसके बाद बोर्ड ने बहुमत से उनके पांच साल के नए कार्यकाल को मंजूरी दी।
नोएल टाटा ने किया विरोध
बोर्ड के इस फैसले में सभी सदस्य एकमत नहीं थे। टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति के प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया। हालांकि, बोर्ड में बहुमत के आधार पर प्रस्ताव पारित हो गया।
टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस में 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है। चंद्रशेखरन के दोबारा कार्यकाल को लेकर इससे पहले भी बोर्ड और टाटा ट्रस्ट्स के बीच मतभेद की खबरें सामने आई थीं।
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2017 से संभाल रहे हैं टाटा संस की कमान
एन. चंद्रशेखरन जनवरी 2017 में टाटा संस के चेयरमैन बने थे। उनसे पहले रतन टाटा इस पद पर थे। 2022 में चंद्रशेखरन को दूसरी बार पांच साल के लिए चेयरमैन नियुक्त किया गया था।
उनका मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त होना था, लेकिन अब नए पांच साल के कार्यकाल की मंजूरी के बाद उनका नेतृत्व आगे भी जारी रहेगा। की लिस्टिंग पर भी बड़ा अपडेट
बोर्ड बैठक में सिर्फ चेयरमैन के कार्यकाल पर ही फैसला नहीं हुआ। टाटा संस ने RBI के लागू लिस्टिंग नियमों का पालन करने की दिशा में कदम उठाने का भी फैसला किया है।
टाटा संस के बोर्ड बयान के अनुसार, कंपनी RBI, टाटा ट्रस्ट्स और अन्य संबंधित हितधारकों से लागू Compliance Requirements को लेकर मार्गदर्शन लेगी।
यह फैसला ऐसे समय हुआ है जब RBI ने हाल ही में टाटा संस की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें कंपनी ने लिस्टिंग से जुड़े नियमों से बाहर निकलने की मांग की थी। RBI के फैसले के बाद टाटा संस की संभावित लिस्टिंग का मुद्दा फिर चर्चा में आया था।
लिस्टिंग को लेकर क्या बदला
बोर्ड बैठक से पहले रिपोर्टों में टाटा संस की संभावित लिस्टिंग और चंद्रशेखरन के भविष्य को लेकर अलग-अलग संभावनाओं पर चर्चा थी। बैठक के बाद कंपनी के आधिकारिक बयान से स्पष्ट है कि बोर्ड ने RBI के लिस्टिंग नियमों के अनुपालन के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।
इस तरह 17 सितंबर की बैठक में टाटा संस के लिए दो अहम फैसले सामने आए—एन. चंद्रशेखरन की पांच साल के लिए दोबारा नियुक्ति और RBI के लिस्टिंग नियमों के अनुपालन की दिशा में आगे बढ़ना।
