राज्य शासन द्वारा वन भूमि पर वर्षों से काबिज होकर खेती करने वाले लोगों को वनाधिकार पट्टा देने की सार्थक पहल की गई। सरकार के इस निर्णय से राज्य के अनेक किसान जमीन के बेदखली की चिंता से मुक्त हो चुके हैं। पट्टा मिलने से किसान शासन की अन्य योजनाओं का लाभ लेने लगे हैैं।
बीजापुर जिले के कुयेनार निवासी श्री धनाजी नेताम ऐसे ही एक किसान है ,जिनके जीवन में पट्टा मिलने से खुशहाली आयी है। श्री धनाजी नेताम के पास पहले केवल 3 एकड़ पैतृक कृषि भूमि थी, जिससे अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए खेती-किसानी के साथ ही गांव के अन्य किसानों के पास मजदूरी करते थे, लेकिन राज्य शासन के द्वारा वन भूमि में काबिज खेती-किसानी करने वाले वनवासियों को वनाधिकार मान्यता पत्र देने की संवेदनशील पहल के फलस्वरूप अब धनाजी नेताम धान का उत्पादन करने सहित उड़द-कुल्थी इत्यादि दलहन का भी उत्पादन करते हैं। वहीं अपने पैतृक कृषि भूमि में नलकूप स्थापित कर रबी सीजन के दौरान आधा एकड़ रकबा में बैंगन, भिंडी, मिर्च, टमाटर, ग्वारफली आदि साग-सब्जी का उत्पादन करते हैं।
श्री धनाजी नेताम और उनकेे बेटे भूपेश नेताम सेे बताया कि पैतृक कृषि भूमि कम होने के कारण परिवार के लिए भविष्य की जरूरत को देखते हुए कई वर्ष पहले लगभग 3 एकड़ वन भूमि पर काबिज होकर खेती-किसानी कर रहे थे परंतु इस जमीन से बेदखली का भय बना रहता था। छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा उसे उक्त वनभूमि करीब एक हेक्टेयर का वनाधिकार पट्टा देने से उसकी मालिकाना हक मिलने की चिंता दूर हो गयी। धनाजी नेताम बताते हैं ,कि उनका परिवार इस वनभूमि का पट्टा मिलने पर खेत बनाने के लिए पूरी मेहनत और लगन से जुट गया। अब इस जमीन पर 1010 जैसे अच्छे किस्म का धान उत्पादन करते हैं। अब राज्य सरकार फसल ऋण प्रदान कर रही है साथ ही समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने की सुविधा भी दे रही है। राज्य सरकार की राजीव किसान न्याय योजना के तहत् पहली किश्त में 4 हजार 281 रूपए उसके बैंक खाते में अंतरित किया गया। धनाजी नेताम बताते हैं यह राशि लॉकडाउन के मुश्किल दौर में प्रदान करने से घर-परिवार की जरूरतों को पूरा करने में सहायक साबित हुई। उन्होंने कहा कि इस वर्ष खरीफ फसल के लिए 20 हजार रूपए फसल ऋण लिया है, जिसे अच्छी खेती-किसानी होने पर अदा कर देंगे। धनाजी नेताम अपने काबिज काश्त वन भूमि का वनाधिकार मान्यता पत्र देने के लिए राज्य सरकार के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए कहा कि यह सरकार की हमारे जैसे छोटे कृषकों के लिए बहुत बड़ी मदद है, जिससे राज्य के किसानों को प्रोत्साहन मिला है

