शरीर की बनावट से नाखुश टीनएजर्स में डिप्रेशन का खतरा, 60% टीनएजर्स अपनी बॉडी से खुश नहीं; सबसे ज्यादा लड़कियां

टीनएजर्स में डिप्रेशन का एक कारण शरीर की बनावट भी हो सकती है। नीदरलैंड्स की हालिया रिसर्च यही कहती है। रिसर्च के मुताबिक, अगर टीनएजर्स अपने शरीर की बनावट से खुश नहीं है तो यह डिप्रेशन की वजह बन सकती है।

जर्नल ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड कम्युनिटी में पब्लिश रिसर्च कहती है, 60 फीसदी टीनएजर्स अपनी बॉडी से संतुष्ट नहीं हैं। सोशल मीडिया के कारण ऐसे मामलों में और बढ़ोतरी होती है। यंगस्टर्स हर फोटो और सेल्फी को पोस्ट करते समय अपनी परफेक्ट बॉडी इमेज का ध्यान रखते हैं।

लड़कियां अपनी बॉडी से ज्यादा असंतुष्ट
ब्रिटेन में इसे समझने के लिए अलग-अलग उम्र वर्ग के टीनएजर्स पर स्टडी की गई। पहले ग्रुप में ऐसे टीनएजर्स को शामिल किया गया है जिनकी उम्र 14 साल थी। उनसे उनकी शरीर की बनावट, वजन, पेट, बॉडी फ्लुइड, ब्रेस्ट, पैर, हिप्स, फेस और हेयर के बारे में रेटिंग कराई गई।

दूसरे ग्रुप में 18 साल के टीनएजर्स शामिल थे ये डिप्रेशन से जूझ रहे थे। इनकी हालत ऐसी क्यूं है, पता लगाया गया। रिपोर्ट में सामने आया लड़के और लड़कियां दोनों अपने शरीर की बनावट से संतुष्ट नहीं थे। इनमें लड़कियां ज्यादा असंतुष्ट थीं।

14 साल की उम्र में हल्के लक्षण शुरू हुए जो 3 साल बाद गंभीर हुए
रिसर्चर्स के मुताबिक, जिन लड़कियों की उम्र 14 साल थी वो अपने फिगर से असंतुष्ठ थीं और उनमें डिप्रेशन के हल्के लक्षण थे। लेकिन जिनकी उम्र 18 साल थी वो गंभीर डिप्रेशन से जूझ रहीं थीं। वहीं, लड़कों में डिप्रेशन के हल्के लक्षण ही थे। इनके गंभीर मामले बहुत नहीं थे।

कैसे समझें मेंटल डिसऑर्डर से जूझ रहे हैं

सायकोलॉजिस्ट डॉ. अनामिका पापड़ीवाल के मुताबिक, हर समय उदास रहना, काम में मन न लगना, भूख और प्यास का होश न रहना और हमेशा निगेटिव बातें करना मेंटल डिसऑर्डर के लक्षण हो सकते हैं। इसके अलावा हर चीज में कमी निकालना, अधिक समय तक सोना और अलग-थलग रहना जैसे लक्षणों से जूझ रहे हैं तो अलर्ट हो जाएं। फैमिली मेम्बर या कोई करीबी में ये लक्षण दिखते हैं तो मनोरोग चिकित्सक से सलाह लें।