देर रात प्लानिंग के साथ निकले लुटेरे, समता कालोनी के एटीएम में नहीं था सुरक्षा गार्ड…. समता कॉलोनी के एटीएम को बुधवार की रात लूटने की कोशिश नाकाम हो गई। लुटेरे एटीएम में घुसे। वहां गार्ड नहीं था। लुटेरों ने एटीएम सेंटर का शटर बंद किया और पाना, पेंचकस व हथौड़ी से कैश बाक्स तोड़ने लगे। पुलिस का गश्ती दल रोड से गुजरा। एटीएम का शटर बंद देखकर जवानों को शक हुआ। उन्होंने गाड़ी रोकी। भीतर से खटर…पटर की आवाज सुनाई दी। जवानों को माजरा समझ आ गया। उन्होंने तीनों को वहीं दबोच लिया।
पुलिस अब तीनों आरोपियों हरि मेश्राम(25), करण कौशिक(19)और किशन छुरा (24)की हिस्ट्री खंगाल रही है। हरि और करण रामनगर गुढ़ियारी के रहने वाले हैं। तीसरा आरोपी किशन वहीं समता कालोनी का रहवासी है। बुधवार की रात तीनों ने शराब पी। उसके बाद एटीएम लूटने निकल पड़े। समता कालोनी में पीएनबी के एटीएम में सुरक्षा गार्ड नहीं था। तीनों ने उसी का एटीएम को लूटने का प्लान बनाया और घुस गए। एटीएम सेंटर में घुसते ही सबसे पहले उन्होंने वहां का सीसीटीवी कैमरा तोड़ा।
उसके बाद एटीएम मशीन को खोलना शुरू किया। लुटेरे पूरी तैयारी के साथ आए थे। उन्होंने पुलिस को पूछताछ में बताया कि एटीएम से पैसे निकालने के दौरान उन्होंने देख लिया था कि मशीन को कहां से खोला जा सकता है। उन्होंने बताया कि एटीएम लूट की खबर उन्होंने पढ़ी थी। उसी के बाद तय किया था कि वे भी एटीएम के कैश बाक्स को लूटेंगे।
पुलिस को अचानक सामने देखकर रह गए हक्के-बक्के, भाग नहीं सके
आजाद चौक एसआई चंद्रमा तिवारी, सिपाही निरधर कुंजाम और स्नेह धृतलहरे की टीम रात करीब 1 बजे एटीएम सेंटर के सामने से गुजरी। गाड़ी धीरे चल रही थी। एटीएम सेंटर के सामने से गुजरते हुए गाड़ी में सवार एसआई और उनकी टीम को खटर…पटर… की आवाज सुनाई दी। उन्हें शक हुआ। उन्होंने अपनी गाड़ी वहां नहीं रोकी। लुटेरों को शक न हो इसलिए उन्होंने पुलिस गाड़ी एटीएम से थोड़ी दूर रोकी। फिर दबे पांव एटीएम के पास पहुंचे। भीतर से तोड़ने की आवाजें लगातार आ रहीं थी।
उनका शक यकीन में बदल गया। पुलिस की टीम एटीएम सेंटर से थोड़ी दूर हटी और वहां नजदीक में ड्यूटी कर रहे सिपाही भागवत और भूपेंद्र सिन्हा को बुलाया, ताकि तगड़ी घेरेबंदी की जा सके। दोनों सिपाही कुछ ही मिनट में वहां पहुंच गए। उसके बाद पांचों ने एक साथ शटर उठाया। तीनों लुटेरे कैश बॉक्स को तोड़ रहे थे। एकाएक पुलिस को देखकर तीनों हक्के-बक्के रह गए। वहां से भागने की कोशिश की लेकिन वहीं उन्हें दबोच लिया। उसी समय वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई। बैंक अधिकारियों को फोन किया गया। गुरुवार सुबह बैंक अधिकारियों ने थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
एक निगरानी में तैनात था
एटीएम का कैश बाक्स तोड़ने पहले दो लुटेरे सेंटर में घुसे। तीसरे को बाहर निगरानी करने खड़ा रखा गया, ताकि पुलिस या किसी के आने पर वह संकेत दे सके। तीसरा लुटेरा कुछ देर बाहर खड़ा रहा। सड़क पर कोई भी आते-जाते नहीं दिखा तो वह भी एटीएम में घुस गया। उसी ने भीतर से शटर बंद कर दिया। यही उनकी सबसे बड़ी चूक साबित हुई। एटीएम सेंटर का शटर बंद देखकर पुलिस के गश्ती दल को शक हुआ और उन्होंने वहीं घेर लिया।

