महिला एशिया कप 2026 के सेमीफाइनल के बाद निघार सुल्ताना और हर्मनप्रीत कौर से जुड़ा हैंडशेक विवाद चर्चा में है। अब इस मामले में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि निघार के हाथ न मिलाने के फैसले में बोर्ड की कोई भूमिका नहीं थी।
यह घटना 10 सितंबर को दुबई में भारत और बांग्लादेश के बीच खेले गए सेमीफाइनल के बाद हुई थी। मुकाबले में भारत ने बांग्लादेश को 40 रन से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।
BCB ने कहा- फैसला निघार का अपना था
BCB महिला समिति के चेयरमैन रफीकुल इस्लाम बाबू ने कहा कि हैंडशेक नहीं करने का फैसला निघार सुल्ताना का व्यक्तिगत निर्णय था। बोर्ड ने इस मामले से खुद को अलग कर लिया है।
बोर्ड के इस रुख से यह स्पष्ट करने की कोशिश की गई है कि मैदान पर हुई इस घटना को BCB की आधिकारिक नीति या निर्देश से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
निघार सुल्ताना की कप्तानी पर भी संशय
हैंडशेक विवाद के बीच निघार सुल्ताना की कप्तानी भी समीक्षा के दायरे में बताई जा रही है। BCB के अनुसार, उनकी कप्तानी को लेकर अंतिम फैसला फिलहाल नहीं लिया गया है।
बोर्ड का कहना है कि महिला क्रिकेट प्रतियोगिता में एशियन गेम्स का अभियान पूरा होने के बाद निघार की नेतृत्व भूमिका पर निर्णय लिया जाएगा।
भारत ने सेमीफाइनल में बांग्लादेश को हराया
महिला एशिया कप के सेमीफाइनल में भारत ने बांग्लादेश को 40 रन से हराया था। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 149 रन बनाए थे, जिसके जवाब में बांग्लादेश की टीम 109 रन तक ही पहुंच सकी।
इस जीत के साथ भारतीय टीम ने फाइनल में जगह बनाई। वहीं बांग्लादेश का टूर्नामेंट में सफर सेमीफाइनल में समाप्त हो गया।
विवाद के बीच कप्तानी के फैसले पर नजर
हर्मनप्रीत कौर से हाथ न मिलाने की घटना के बाद सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में इस पर चर्चा तेज हुई। हालांकि BCB ने साफ किया है कि इस फैसले में बोर्ड की कोई भूमिका नहीं थी।
अब निघार सुल्ताना की कप्तानी को लेकर अंतिम फैसला एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट प्रतियोगिता खत्म होने के बाद लिए जाने की बात कही गई है।
