गोलगप्पे यानी पानीपुरी देशभर में पसंद किया जाने वाला लोकप्रिय स्ट्रीट फूड है। लेकिन बारिश के मौसम में सड़क किनारे बिकने वाले गोलगप्पे खाना सेहत के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, इस मौसम में दूषित पानी और साफ-सफाई की कमी के कारण पेट के संक्रमण और दूसरी फूड-बॉर्न व वॉटर-बॉर्न बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
गोलगप्पे के पानी से संक्रमण का खतरा
ग्रेटर नोएडा के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट की एडिशनल डायरेक्टर डॉ. प्रमिला बैथा के अनुसार, बारिश के दौरान गोलगप्पे और पानीपुरी से बचना बेहतर है। उनका कहना है कि अगर गोलगप्पे बनाने या परोसने वाला व्यक्ति स्वच्छता का ध्यान नहीं रखता और बिना साफ ग्लव्स के खाद्य सामग्री को छूता है, तो हाथों पर मौजूद बैक्टीरिया, वायरस और फंगस भोजन या पानी में पहुंच सकते हैं। इससे पेट का संक्रमण, दस्त और हैजा जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
गंभीर संक्रमण में अस्पताल की जरूरत पड़ सकती है
कई मामलों में पेट का संक्रमण हल्का होता है और पर्याप्त पानी व ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS) से स्थिति संभल सकती है। लेकिन गंभीर संक्रमण होने पर अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ सकती है। डॉक्टर के मुताबिक, गंभीर मामलों में शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट की कमी हो सकती है। ऐसी स्थिति में मरीज को अस्पताल में IV फ्लूड और जरूरी दवाएं दी जा सकती हैं। खास तौर पर कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को सड़क किनारे मिलने वाले गोलगप्पे खाते समय ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
साफ-सफाई वाली जगह पर ही खाएं गोलगप्पे
अगर गोलगप्पे खाने का मन हो तो ऐसी जगह का चुनाव करना बेहतर है जहां साफ पानी, स्वच्छ सामग्री और अच्छी हाइजीन का ध्यान रखा जाता हो। विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसी दुकानों पर संक्रमण का जोखिम तुलनात्मक रूप से कम हो सकता है जहां गोलगप्पे बनाते और परोसते समय हाथों से सीधे संपर्क को कम करने वाली नो-टच तकनीक अपनाई जाती है। इसमें साफ ग्लव्स या दूसरे स्वच्छ तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि भोजन के दूषित होने की संभावना कम हो।
गोलगप्पे में इस्तेमाल होने वाले रंग और फ्लेवर पर भी सवाल
डॉ. प्रमिला बैथा ने कर्नाटक में सड़क किनारे पानीपुरी विक्रेताओं से लिए गए सैंपल की जांच का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, कुछ नमूनों में गोलगप्पे तैयार करने के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले रंग और फ्लेवर को लेकर चिंता सामने आई थी। हालांकि किसी खाद्य पदार्थ से कैंसर का खतरा होने का दावा उसके इस्तेमाल किए गए विशिष्ट पदार्थ, मात्रा और नियामकीय मानकों पर निर्भर करता है। इसलिए ऐसे मामलों में आधिकारिक जांच और वैज्ञानिक प्रमाणों को ध्यान में रखना जरूरी है।
घर पर बनी पानीपुरी हो सकती है बेहतर विकल्प
बारिश के मौसम में बाहर के गोलगप्पे खाने के बजाय घर पर साफ पानी और स्वच्छ सामग्री से पानीपुरी तैयार करना एक सुरक्षित विकल्प हो सकता है। खासकर मानसून में पानी की गुणवत्ता, हाथों की सफाई और खाद्य सामग्री की स्वच्छता पर ध्यान देना जरूरी है। इससे फूड-बॉर्न और वॉटर-बॉर्न संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
