एक पहिए की साइकिल से 11 हजार KM का सफर

एक पहिए की साइकिल से 11 हजार KM का सफर

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक अनोखी साइकिल यात्रा का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। केरल के साइक्लिस्ट सनीद बिना अगले पहिए वाली मॉडिफाइड साइकिल पर हजारों किलोमीटर का सफर कर रहे हैं। उनका लक्ष्य करीब 11 हजार किलोमीटर की यात्रा पूरी कर एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुंचना है। सनीद की सबसे खास बात उनका साइकिल चलाने का अंदाज है। वह केवल पिछले पहिए वाली साइकिल पर सड़क पर संतुलन बनाते हुए लंबी दूरी तय कर रहे हैं। उनके इस हुनर ने सोशल मीडिया यूजर्स को हैरान कर दिया है।

ड्रग्स के खिलाफ जागरूकता है यात्रा का मकसद

सनीद की यह यात्रा केवल एडवेंचर या रिकॉर्ड बनाने के लिए नहीं है। वह ‘Say No to Drugs’ का संदेश लेकर सफर कर रहे हैं। उनका उद्देश्य लोगों को नशीले पदार्थों से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है। सनीद का कहना है कि वह केरल, तमिलनाडु और देश के अलग-अलग हिस्सों में अपनी यात्रा के जरिए युवाओं को यह संदेश देना चाहते हैं कि जिंदगी में कुछ अलग और बेहतर करने के लिए ड्रग्स की जरूरत नहीं है।

7 हजार KM से ज्यादा दूरी कर चुके तय

सनीद के मुताबिक, वह अब तक 7 हजार किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय कर चुके हैं। वह केरल से कश्मीर तक बिना अगले पहिए वाली साइकिल पर यात्रा पूरी कर चुके हैं और अब नेपाल की ओर बढ़ रहे हैं। उनका अंतिम लक्ष्य एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुंचना है। सनीद रोजाना औसतन 50 से 60 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं। परिस्थितियां अनुकूल होने पर वह एक दिन में करीब 150 किलोमीटर तक भी साइकिल चला चुके हैं। हालांकि, सड़क की स्थिति, मौसम और तेज हवाओं के कारण यात्रा में कई तरह की चुनौतियां आती हैं।

12 साल का है वन-व्हील राइडिंग का अनुभव

सनीद सिविल इंजीनियरिंग और इंटीरियर डिजाइनिंग की पढ़ाई कर चुके हैं। इसके अलावा वह प्रोफेशनल बाइक स्टंटर भी हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें बिना अगले पहिए वाली साइकिल चलाने का करीब 12 साल का अनुभव है। उनके मुताबिक, वह इंडियन आर्मी के जवानों को परेड में किए जाने वाले स्टंट के लिए ट्रेनिंग देने का काम भी करते हैं। यही अनुभव उन्हें लंबे सफर के दौरान साइकिल पर संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।

आसान नहीं है एक पहिए वाली साइकिल से सफर

सनीद बताते हैं कि सामान्य साइकिल चलाने की तुलना में बिना अगले पहिए वाली साइकिल पर लंबी दूरी तय करना काफी मुश्किल है। खासकर तेज हवाओं वाले इलाकों में संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसके बावजूद वह लगातार अपनी यात्रा जारी रखे हुए हैं। उनके लिए यह सफर केवल शारीरिक क्षमता दिखाने का जरिया नहीं, बल्कि एक सामाजिक संदेश को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने का माध्यम है। सनीद का कहना है कि लोगों को अपनी जिंदगी को नशे की वजह से बर्बाद नहीं करना चाहिए। उनका संदेश है कि हर व्यक्ति को ऐसा काम चुनना चाहिए, जिससे उसे खुशी मिले और जीवन को बेहतर दिशा दी जा सके।

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