7.7 तीव्रता के भूकंप के बाद 341 आफ्टरशॉक्स

7.7 तीव्रता के भूकंप के बाद 341 आफ्टरशॉक्स

इंडोनेशिया के पूर्वी हिस्से में 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के बाद हालात लगातार चिंताजनक बने हुए हैं। भूकंप के बाद अब तक 341 आफ्टरशॉक्स दर्ज किए जा चुके हैं, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। खबर में मृतकों की संख्या 57 तक पहुंचने का दावा किया गया है,हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। शनिवार सुबह आए इस भूकंप से पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। कई इलाकों में सड़कें बंद हो गईं और भूस्खलन के कारण राहत एवं बचाव अभियान प्रभावित हुआ है।

341 आफ्टरशॉक्स से लोगों में दहशत

शक्तिशाली भूकंप के बाद लगातार झटके महसूस किए जाने से लोग घरों के अंदर जाने से डर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, भूकंप के बाद 341 झटके दर्ज किए गए हैं। लोगों का कहना है कि लगातार आ रहे झटकों के कारण वे घरों के बजाय खुले स्थानों, बरामदों और अस्थायी टेंटों में रात बिताने को मजबूर हैं।

5 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

आपदा प्रबंधन एजेंसी BNPB के मुताबिक, सिक्का क्षेत्र में 3,300 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है या उन्हें एक खेल परिसर में ठहराया गया है। कई परिवार अपने क्षतिग्रस्त घरों के बाहर तिरपाल लगाकर रहने को मजबूर हैं। मौमेरे में भी अस्पतालों के बाहर अस्थायी टेंट लगाए गए हैं, जहां घायलों और प्रभावित लोगों का इलाज किया जा रहा है।

36 लोग गंभीर रूप से घायल

डिप्टी हेल्थ मिनिस्टर बेंजामिन पॉलस ऑक्टेवियनस के अनुसार, भूकंप में 36 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि 77 लोगों को मामूली चोटें आई हैं। भूकंप से बड़ी संख्या में मकानों को नुकसान पहुंचा है। सड़कें बंद होने और कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण बचावकर्मियों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में भी परेशानी हो रही है।

पेड़ों के नीचे तिरपाल लगाकर रहने को मजबूर परिवार

सिक्का के 63 वर्षीय अब्दुल मुतास ने आपदा के बाद की स्थिति बताते हुए कहा कि वह अपने परिवार के साथ पेड़ों के बीच तिरपाल लगाकर सो रहे हैं। उनके मुताबिक, वह घर से निकलते समय केवल अपने शरीर के साथ बाहर आए। सिक्का के उप रीजेंट साइमन सुबांदी ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग घरों के अंदर जाने से डर रहे हैं। लोग बरामदों या बाहर लगाए गए अस्थायी टेंटों में रात गुजार रहे हैं।

3,500 से ज्यादा पुलिस और सैन्यकर्मी तैनात

राहत एवं बचाव अभियान को तेज करने के लिए 3,500 से अधिक सैन्य और पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। टीमें मलबे की जांच करने, प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने में जुटी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल लापता लोगों की आधिकारिक संख्या सामने नहीं आई है। हालांकि, मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए तलाशी अभियान जारी है।

इमरजेंसी घोषित करने पर विचार

भूकंप से हुए बड़े नुकसान और लगातार आफ्टरशॉक्स को देखते हुए स्थानीय प्रशासन आपात स्थिति घोषित करने पर भी विचार कर रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर बनाए गए हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी है। बताया जा रहा है कि 2022 में पश्चिम जावा में आए भूकंप के बाद यह इंडोनेशिया के सबसे घातक भूकंपों में से एक है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों की तलाश, घायलों का इलाज और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना है।

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