कॉन्फडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने एक वेंडर मोबाइल ऐप ‘भारत ई-मार्केट’ लॉन्च किया है। गुरुवार को लॉन्च यह ऐप पूरी तरह से स्वदेशी है। कैट के मुताबिक इस ऐप से देश के करीब आठ करोड़ व्यापारियों को एक समान प्लेटफॉर्म मिलेगा, जो अपने पुराने ग्राहकों को डिजिटल माध्यम से सर्विस दे पाएंगे।
ऐप के जरिए हर भारतीय घरों तक पहुंच बनाने की योजना
ऐप से देश और विदेश की ई-कॉमर्स कंपनियों का टक्कर मिलेगी। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल के मुताबिक ऐप के जरिए रिटेल व्यापारी हर भारतीय घरों तक पहुंचने में सक्षम होंगे। तय समय सीमा के भीतर माल की डिलीवरी करने में सक्षम होंगे। साथ ही सबसे सस्ती दरों पर सामान और सर्विसेस प्रोवाइड करेंगे, जो कस्टमर के लिए भी फायदेमंद होगा।
ई-दुकान पर नहीं लगेगा चार्ज
देश के कारोबारी ऐप के जरिए खुद का ई-दुकान को शुरु कर सकेंगे। ‘भारत ई-मार्केट’ पोर्टल पूरी तरह से देश के कायदे-कानून के तहत होगा। खंडेलवाल के मुताबिक, ई-दुकान पोर्टल पर कारोबारी के लिए किसी भी प्रकार के चार्ज नहीं लागू होंगे, जबकि अन्य ई-कॉमर्स पोर्टल ट्रांजेक्शन पर 5%-35% कमीशन चार्ज वसूलते हैं। स्वदेशी पोर्टल में किसी भी प्रकार का विदेशी निवेश नहीं होगा। इसके अलावा पोर्टल पर चीन के सामानों की बिक्री नहीं होगी।
ई-कामर्स सेक्टर में ई-मार्केट सेगमेंट काफी अहम
उन्होंने कहा कि देश के बढ़ते ई-कामर्स सेक्टर में ई-मार्केट सेगमेंट काफी अहम साबित होगा। यही सही समय है जब देश के हर रिटेल कारोबारी अपनी रियल पावर का एहसास कराया जाए और डिजिटल प्लेटफार्म पर उतरने के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे वे वास्तविक संभावनाओं का फायदा उठा सकें।
देश के ई-कॉमर्स मार्केट में 2024 तक 84% की बढ़त की उम्मीद
भारत का ई-कॉमर्स मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। ग्लोबल फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी कंपनी FIS की रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 तक इसमें 84% की बढ़त आ सकती है। इसके 111 बिलियन डॉलर (करीब 8 लाख करोड़ रुपए) होने का अनुमान है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह ग्रोथ मोबाइल शॉपिंग से होगी, जो अगले 4 साल में सालाना 21% बढ़ने का अनुमान है।
31 दिसंबर, 2023 तक एक करोड़ विक्रेताओं को ऑन बोर्ड करना लक्ष्य
भारत ई मार्केट का लक्ष्य 31 दिसंबर, 2021 तक कम से कम सात लाख विक्रेताओं को ऑन बोर्ड करना है। साथ ही 31 दिसंबर, 2023 तक एक करोड़ विक्रेताओं को जोड़ना है। व्यापारियों को ऑन बोर्ड करने में देशभर के हजार ट्रेड एसोसिएशन की भूमिका काफी अहम होगी।

