राजधानी रायपुर में दो दिवसीय धर्म संसद-2021 का आयोजन किया गया है। धर्म संसद में देश के सभी जाने माने संत-महात्मा रायपुर के रावणभाठा मैदान में इकट्ठा हुए। वहीं आज यानी रविवार को एक संत के बयानों को लेकर धर्म संसद बवाल मच गया। शिव आराधना के लिए पहचाने जाने वाले संत कालीचरण महाराज के विरुध्द धारा 505 ( 2 ) और धारा 294 के तहत अपराध दर्ज किया गया है । संत कालीचरण के विरुध्द यह अपराध रायपुर के पूर्व महापौर और वर्तमान सभापति प्रमोद दुबे की शिकायत पर दर्ज किया गया है ।
उनके इस अपशब्द बयान से दूधाधारी मठ के महंत रामसुंदर दास भड़क गए। उन्होंने कहा कि ये हमारा सनातन धर्म नहीं हो सकता, मैं इस धर्म संसद से खुद को अलग करता हूं। उन्होंने महात्मा गांधी को गाली देते हुए गोडसे को प्रणाम किया। कालीचरण महाराज ने धर्म संसद को संबोधन करते हुए कहा कि महात्मा गांधी की वजह से देश का विभाजन हुआ, गोडसे को नमस्कार है कि उन्होंने महात्मा गांधी को….. मार डाला
कालीचरण महाराज के इस बयान के बाद धर्म संसद में हंगामा मच गया। वहीं दूधाधारी मठ के महंत रामसुंदर दास ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि क्या महात्मा गांधी सही में गद्दार थे…… महंत रामसुंदर दास बोले सन 1947 का वक़्त याद कीजिये। जिस परिस्थिति वर्स भारत स्वतंत्र हुआ… महात्मा गांधी ने क्या कुछ नहीं किया जिन्हे राष्ट्रपिता के उपाधि से नवाज़ा गया। उनके विषय में इस धर्म संसद से ऐसी बात ये हमारा सनातन धर्म नहीं हो सकता। मैं इस धर्म संसद से खुद को अलग करता हूं।

