आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में बुधवार को जहरीली ताड़ी पीने से पांच आदिवासियों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान चेडाला सुग्रीव (65), वेमुला लोवा राजू (25), पोथुरु गंगा राजू (35), बुसारी संन्यासी राव (50) और कुडे येसु बाबू (23) के रूप में हुई है। शुरुआत में यह माना जाता रहा कि आदिवासियों की मौत मिलावटी ताड़ी से हुई है। हालांकि, जांच में पता चला कि उन्होंने जो ताड़ी पी थी, उसमें जहर था।
रामपचोडावरम के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कृष्ण कांत पटेल ने बताया, “हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या किसी ने ताड़ के पेड़ों से बंधे बर्तनों में ताड़ी में जानबूझकर जहर मिलाया है या यह पेड़ों पर रेंगने वाले किसी जहरीले सांप के जहर के थूक से दूषित हुआ या नहीं।”
पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमने ताड़ी के सैंपल जांच के लिए काकीनाडा की प्रयोगशाला में भेजे हैं। आगे की जांच जारी है। पटेल ने कहा कि पांच आदिवासी लोगों ने सुबह दो ताड़ के पेड़ों से उतारी गई ताड़ी पी और कुछ ही मिनटों में वे बेहोश हो गए। दूसरे ग्रामीणों ने देखा कि उनके मुंह से झाग निकल रहा है और उन्हें तुरंत जड्डंगी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया।
