नई दिल्ली/कोच्चि
केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ पर रोक लगाने से मना कर दिया. जस्टिस एन नागारेश और जस्टिस मोहम्मद नियास सीपी की खंडपीठ ने यह फैसला कई याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें कि फिल्म का सेंसर सर्टिफिकेट रद्द करने की मांग की गई थी.
फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार करते हुए कोर्ट ने कहा कि फिल्म केवल ‘सच्ची घटनाओं से प्रेरित’ कहानी को कहती है. पीठ ने यह भी कहा कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने इसको प्रमाणित किया है. पीठ ने फिल्म का ट्रेलर भी देखा और कहा कि इसमें किसी विशेष समुदाय के लिए कुछ भी आपत्तिजनक बात नहीं है. पीठ ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ताओं में से किसी ने भी इस फिल्म को नहीं देखा है और निर्माताओं ने एक डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) जोड़ा है कि फिल्म घटनाओं का एक काल्पनिक वर्जन है.
Kerala High Court refuses to stay the film 'The Kerala Story'. Division Bench comprising Justice N Nagaresh and Justice Mohammed Nias CP had considered a batch of petitions seeking to cancel the censor certificate of the film. pic.twitter.com/vgzpAFvmWg
— ANI (@ANI) May 5, 2023
अदालत ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि केरल एक धर्मनिरपेक्ष समाज है और फिल्म को उसी रूप में स्वीकार करेगा जैसा कि वह है, उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं से सवाल किया कि जिस फिल्म को उसने देखा, वह एक कहानी है न कि इतिहास, यह कैसे समाज में संप्रदायवाद और संघर्ष पैदा करेगी? अदालत ने जानना चाहा कि क्या पूरा ट्रेलर समाज के खिलाफ था.
द केरल स्टोरी के निर्माता ने केरल हाईकोर्ट को बताया कि फिल्म का टीजर, जिसमें कि केरल की 32,000 महिलाओं के आईएसआईएस के भर्ती होने का दावा किया गया है वह इसे अपने सोशल मीडिया अकाउंटों से हटा देंगे.

