क्लीन करेंसी पॉलिसी के तहत 2,000 के नोट वापस लिये गये हैं : शक्तिकांत दास

गुलाबी रंग के 2000 के नोट वापस लेने के फैसले के बाद तमाम अटकलें लगाई जा रही हैं। क्या ये नोटबंदी है। आखिर क्यों ये नोट वापस लिये गये हैं। यदि वापस लेना था लाये क्यों थे। इस तरह की अटकलों पर आज भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास (Governor Shaktikanta Das) ने लोगों के संदेह को दूर करते हुए मीडिया से बात की। उन्होंने उनके सवालों के जवाब दिये। 2,000 के नोट पर आये फैसले के बाद RBI गवर्नर ने कहा कि 2,000 के नोट को सर्कुलेशन से बाहर किया गया है। क्लीन करेंसी पॉलिसी के तहत 2,000 के नोट वापस लिये गये हैं।

उन्होंने आगे कहा कि 2000 नोट का फैसला करेंसी मैनेजमेंट का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि 2,000 के नोट सिस्टम में खास मकसद के तहत लाये गये थे। इस पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि जब नोटबंदी की गई थी तब सिस्टम में नोटों या पैसों की कमी को पूरा करने के लिए बड़े डिनॉमिनेश वाली नोट की आवश्यकता थी। लिहाजा सिस्टम में नोटबंदी की वजह से काफी कम समय में बाजार में बड़ी मात्रा में पैसा उपलब्ध कराने के लिए बडे डिनॉमिनेशन वाले नोट बाजार में लाये गये थे।

शक्तिकांत दास ने कहा कि सिस्टम में 2,000 के 3.62 लाख करोड़ के नोट मौजूद हैं। नोट बदलने के लिए बैंकों को निर्देश दिये गये हैं। लोगों के पास नोट बदलने के लिए पर्याप्त समय है। सभी बैंक उचित व्यवस्था मुहैया कराएंगे। इसके लिए बैंक अलग से काउंटर की व्यवस्था करेंगे। लिहाजा नोट बदलने के लिए ज्यादा भीड़ नहीं होगी।

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