योगेश यादव/बलौदाबाजार- जिले के आबकारी विभाग पर अब सवाल उठने खड़े हो गए हैं। क्योंकि आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब के अड्डे में कार्यवाही तो की जा रही है। लेकिन आरोपियों तक क्यों नहीं पहुंच पा रही है आबकारी विभाग।
कार्यवाही हुई लेकिन पकड़े नही गए आरोपी
दरअसल बीते माह आबकारी विभाग ने कई बड़ी कार्रवाई की लेकिन कार्यवाही तो होती है और मुख्य आरोपी तक आबकारी विभाग नहीं पहुंच पाती जिसके चलते अवैध शराब का कारोबार चलता ही रहता है और आबकारी विभाग समझती है कि हमने बड़ी कार्यवाही की है लेकिन ऐसा सोचना गलत है की मुख्य आरोपी को आपकारी विभाग पकड़ी नहीं पाएगी तो फिर अवैध शराब का कारोबार कहां से बंद हो पाएगा।
आखिर क्यों उठ रहे है सवाल ?
जाहिर सी बात यह है की आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब के अड्डे में जाकर लाखों रुपए के महुआ लाहन को नष्ट किया जाता है और लाखों रुपए के महुआ शराब को भी नष्ट किया जाता है लेकिन सोचने वाली बात यह है कि जब इतनी बड़ी कार्रवाई होती है तो आरोपी कहां चले जाते हैं और आरोपियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो सकती ऐसा ही चलता रहा तो अवैध शराब का कारोबार अवैध अड्डे से बंद हो ही नहीं पाएगा।
विभाग की ये टीमें जिले में सक्रिय
जिले में आबकारी विभाग के जिला आबकारी अधिकारी गायकवाड़ ने अवश्य शराब में कार्यवाही के लिए टीम में गठित की है जिनमें जलेश सिंह, विपिन पाठक, आनंद, मोतीन बंजारे सहित कई अधिकारियों को इनकी जिम्मेदारी दी है। लेकिन अब सवाल यह उठता है कि आखिर आरोपियों को क्यों नहीं पकड़ पाती आबकारी विभाग की टीम।
