रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की शुरुआत के साथ खरीफ सीजन की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी बीच किसानों के लिए खाद और बीज की उपलब्धता का मुद्दा अब खेतों से निकलकर विधानसभा तक पहुंच गया है। गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान खाद-बीज की आपूर्ति को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कांग्रेस ने सरकार पर खाद वितरण में अनियमितता और किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाया, जबकि कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने प्रदेश में किसी भी प्रकार के खाद-बीज संकट से साफ इनकार किया।
कांग्रेस विधायक ने उठाए खाद वितरण पर सवाल
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक दलेश्वर साहू ने सरकार से रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर सवाल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा सदन में दिए गए जवाब और कृषि विभाग के आदेशों में विरोधाभास दिखाई देता है।
उनका कहना था कि सरकार सहकारी समितियों को यूरिया की 75 प्रतिशत और डीएपी की 70 प्रतिशत आपूर्ति का दावा कर रही है, जबकि विभागीय आदेशों में उपलब्धता इससे कम बताई गई है। उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए पूरे मामले की विधानसभा समिति से जांच कराने की मांग की।
जरूरत से ज्यादा सप्लाई और कई जिलों में कमी का आरोप
तालेश्वर साहू ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ जिलों में मांग से अधिक रासायनिक खाद भेजी गई है, जबकि अधिकांश जिलों में किसान खाद और बीज की कमी से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने आरोपों को किया खारिज
कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि प्रदेश में खाद और बीज का कोई संकट नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की जरूरत के अनुसार लगातार उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है और विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं। मंत्री ने विधानसभा समिति से जांच कराने की मांग को भी अनावश्यक बताया।
सदन के बाहर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा
विधानसभा के बाहर भी कांग्रेस ने खाद-बीज के मुद्दे पर सरकार पर हमला बोला। पार्टी नेताओं का आरोप है कि पिछले एक महीने में डीएपी खाद की कीमत में करीब एक हजार रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही किसानों को बाजार और सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल रही है। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार किसानों पर नैनो खाद खरीदने का दबाव बना रही है।
सरकार ने बताया विपक्ष का दुष्प्रचार
सरकार की ओर से इन आरोपों को खारिज करते हुए मंत्रियों ने इसे कांग्रेस का दुष्प्रचार बताया। उनका कहना है कि खेती के आधुनिक तरीकों के साथ उर्वरकों के उपयोग का स्वरूप भी बदल रहा है और किसानों को नई तकनीकों तथा वैकल्पिक उर्वरकों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
सरकार का दावा- पर्याप्त खाद और बीज का भंडारण
सरकार पहले ही विधानसभा में जानकारी दे चुकी है कि खरीफ सीजन को देखते हुए प्रदेश में आवश्यक रासायनिक उर्वरकों का लगभग 90 प्रतिशत और बीजों का 96 प्रतिशत भंडारण किया जा चुका है। सरकार का दावा है कि किसानों को आवश्यकता के अनुसार खाद और बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जबकि विपक्ष लगातार जमीनी स्तर पर इसकी उपलब्धता को लेकर सवाल उठा रहा है।
अब यह मुद्दा विधानसभा के साथ-साथ प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में किसानों तक खाद और बीज की वास्तविक उपलब्धता को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच सियासी टकराव और तेज होने की संभावना है।

