सेवाग्राम परियोजना पर विधानसभा में सियासी संग्राम, अजय चंद्राकर के बयान पर भूपेश बघेल ने जताई कड़ी आपत्ति

सेवाग्राम परियोजना पर विधानसभा में सियासी संग्राम, अजय चंद्राकर के बयान पर भूपेश बघेल ने जताई कड़ी आपत्ति

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में गुरुवार को नवा रायपुर की सेवाग्राम परियोजना को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने परियोजना पर हुए खर्च और उसके उद्देश्य को लेकर सवाल उठाए, जबकि उनके एक बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। कुछ देर के लिए सदन का माहौल गर्म हो गया।

वित्त मंत्री ने सदन में दी परियोजना की जानकारी

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि नवा रायपुर स्थित सेवाग्राम परियोजना की स्वीकृति 10 मार्च 2022 को दी गई थी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य महात्मा गांधी के आत्मनिर्भर गांव के मॉडल को विकसित करना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और कारीगरों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।

मंत्री के अनुसार, वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच परियोजना के लिए 129 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया। इसमें मल्टीपरपज डाइनिंग हॉल, सामुदायिक किचन और प्रसाधन कक्ष के निर्माण पर 3.72 करोड़ रुपये, जबकि अन्य निर्माण कार्यों पर 104.05 करोड़ रुपये खर्च किए गए। उन्होंने यह भी बताया कि परियोजना के सभी निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं, लेकिन इसके संचालन के लिए अभी अलग से कोई प्रशासनिक सेटअप स्वीकृत नहीं किया गया है।

अजय चंद्राकर ने उठाया लोकधन के उपयोग का मुद्दा

मंत्री के जवाब के बाद अजय चंद्राकर ने परियोजना पर हुए खर्च को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि “एक व्यक्ति विशेष की स्वेच्छाचारिता की वजह से करीब 200 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए।” उन्होंने परियोजना में सार्वजनिक धन के उपयोग और उसकी उपयोगिता पर सरकार से जवाब मांगा।

बयान पर भूपेश बघेल ने जताई आपत्ति

अजय चंद्राकर की टिप्पणी पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तत्काल आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने इस बयान का विरोध करते हुए सदन में अपना पक्ष रखने की कोशिश की। इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और कुछ समय तक सदन का माहौल गर्म रहा।

अजय चंद्राकर ने व्यक्त किया खेद

बाद में अजय चंद्राकर ने सदन में स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष की भावनाओं को आहत करना नहीं था। उन्होंने कहा कि यदि उनकी टिप्पणी से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को ठेस पहुंची है तो वह इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं।

सेवाग्राम परियोजना पर राजनीतिक बहस तेज

विधानसभा में हुई इस बहस के बाद सेवाग्राम परियोजना एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गई है। एक ओर विपक्ष परियोजना की उपयोगिता और खर्च पर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य ग्रामीण विकास, आत्मनिर्भरता और कौशल विकास को बढ़ावा देना है। आने वाले समय में इस परियोजना के संचालन और उपयोग को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

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