छत्तीसगढ़ विधानसभा: राहुल गांधी का नाम लेते ही सदन में हंगामा

छत्तीसगढ़ विधानसभा: राहुल गांधी का नाम लेते ही सदन में हंगामा

छत्तीसगढ़ विधानसभा: विजय शर्मा के बयान पर विपक्ष का विरोध, देवेंद्र यादव ने मांगा प्रमाण, सत्ता पक्ष ने जताई आपत्ति

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन साय सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदन में तीखा हंगामा देखने को मिला। गृह मंत्री एवं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा अपने भाषण में राहुल गांधी का उल्लेख किए जाने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। बढ़ते शोर-शराबे के बीच विधानसभा की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

राहुल गांधी का जिक्र होते ही बढ़ा विवाद

अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विजय शर्मा ने अपने संबोधन में माओवादी हिडमा से जुड़े एक कथित सोशल मीडिया पोस्ट का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी का नाम लिया। इस पर कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने सरकार से इस दावे के समर्थन में प्रमाण प्रस्तुत करने की मांग की।

दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने देवेंद्र यादव की बॉडी लैंग्वेज पर आपत्ति जताई, जबकि विपक्ष लगातार सरकार के बयान का विरोध करता रहा। हंगामा बढ़ने पर विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।

प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर कांग्रेस पर निशाना

अपने संबोधन में विजय शर्मा ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत को सदन में अपने ही सदस्यों से समर्थन दिखाने के लिए हाथ उठवाने पड़े। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद गरीबों को 18 लाख आवास देने का वादा पूरा करने की दिशा में तेजी से काम किया गया। उनके अनुसार वर्तमान सरकार में 11 लाख आवास बन चुके हैं और प्रतिदिन करीब 1,500 नए आवासों का निर्माण हो रहा है।

पूर्व सरकार पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

विजय शर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में डीएमएफ, पीएससी और कोयला से जुड़े कथित घोटालों की चर्चा पूरे प्रदेश और देश में हुई। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार पिछली सरकार की नीतियों में सुधार कर रही है।

घुसपैठ, धर्मांतरण और नक्सलवाद का भी उठाया मुद्दा

गृह मंत्री ने कहा कि घुसपैठ, धर्मांतरण और नक्सलवाद जैसे मुद्दों पर विपक्ष चर्चा से बचता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने अविश्वास प्रस्ताव के आरोप पत्र में बलौदाबाजार कांड को सतनामी समाज से जोड़ दिया है, जबकि इसे असामाजिक तत्वों की घटना के रूप में उल्लेख किया जाना चाहिए।

इस बयान पर विपक्ष ने विरोध जताते हुए आरोप लगाया कि बलौदाबाजार मामले में सतनामी समाज के लोगों को निशाना बनाया गया। विजय शर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि कार्रवाई केवल असामाजिक तत्वों के खिलाफ की गई है और सरकार समाज विशेष के खिलाफ नहीं है।

नक्सलवाद पर सरकार की प्रतिबद्धता

विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार बस्तर में शांति स्थापित करने और नक्सल प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

नोट: यह समाचार विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष द्वारा दिए गए बयानों पर आधारित है। संबंधित दावों और आरोपों पर दोनों पक्षों के अलग-अलग मत हो सकते हैं।

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