रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर संभाग की जेल व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य शासन ने नारायणपुर और बीजापुर उप जेल का उन्नयन करते हुए उन्हें जिला जेल के समकक्ष अधिसूचित करने का आदेश जारी किया है। जेल विभाग का मानना है कि इस निर्णय से बंदियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ-साथ जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली भी अधिक प्रभावी होगी।
बंदियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
जेल विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, दोनों उप जेलों के उन्नयन के बाद वहां बंदियों के लिए मूलभूत और आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इससे जेलों की बंदी क्षमता बढ़ेगी और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता भी बेहतर होगी।
स्वास्थ्य, सुरक्षा और कौशल विकास पर रहेगा फोकस
जेल महानिदेशक (डीजी जेल) हिमांशु गुप्ता ने बताया कि उन्नयन के बाद बंदियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही सुधारात्मक गतिविधियों और कौशल विकास कार्यक्रमों को भी अधिक प्रभावी तरीके से संचालित किया जाएगा, ताकि बंदियों के पुनर्वास की प्रक्रिया मजबूत हो सके।
सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत
डीजी जेल के अनुसार, जिला जेल के समकक्ष दर्जा मिलने से सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा। इससे सुरक्षा संबंधी जोखिम कम होंगे, पुलिस और जेल बल पर दबाव घटेगा तथा बुनियादी ढांचे के विकास को भी गति मिलेगी। इसके अलावा बंदियों के परिजनों को मुलाकात और अन्य प्रक्रियाओं में भी अधिक सुविधा मिल सकेगी।
सरकार का यह फैसला न केवल बंदियों के हित में माना जा रहा है, बल्कि जेल प्रशासन के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्नत संसाधनों, बेहतर अधोसंरचना और बढ़ी हुई क्षमता के कारण नारायणपुर और बीजापुर की जेलों का संचालन अधिक व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
