छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश के बीच मलेरिया के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसी बीच कोरबा जिले से चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां मलेरिया की चपेट में आने से दो छात्रों की मौत हो गई है। दोनों छात्र अलग-अलग छात्रावासों में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। वहीं, 11 से अधिक छात्र मलेरिया पॉजिटिव पाए गए हैं।
छात्रावासों में स्वास्थ्य विभाग का कैंप
जानकारी के अनुसार, जिले के मर्दापोटी और इरादाह स्थित छात्रावासों में मलेरिया संक्रमण के कई मामले सामने आए हैं। दो छात्रों की मौत के अलावा एक छात्र की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसका इलाज जारी है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित छात्रावासों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए हैं। यहां छात्रों की जांच, दवा वितरण और आवश्यक उपचार किया जा रहा है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
बिलासपुर में भी मिले मलेरिया के मरीज
इससे पहले बिलासपुर जिले के औरापानी और नवाडीह गांवों में भी चार बच्चों में मलेरिया की पुष्टि हुई थी। सभी बच्चों को बेहतर इलाज के लिए सिम्स अस्पताल, बिलासपुर रेफर किया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांवों में जांच अभियान तेज कर दिया है। वहीं, जिला प्रशासन भी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
कई गांव पहले से मलेरिया प्रभावित
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कोटा विकासखंड के 72 गांव पहले से ही मलेरिया प्रभावित घोषित किए जा चुके हैं। हर वर्ष मानसून के दौरान इन इलाकों में मलेरिया के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जाती है।
विभाग ने लोगों से अपील की है कि बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। साथ ही सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें, घर के आसपास पानी जमा न होने दें और मच्छरों से बचाव के सभी उपाय अपनाएं।
बस्तर संभाग में अब तक 8,426 मामले
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2026 से अब तक बस्तर संभाग में 8,426 मलेरिया के मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें 254 मरीज मिक्स मलेरिया से संक्रमित पाए गए हैं।
