भारतीय क्रिकेट का भविष्य माने जा रहे 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज में शानदार बल्लेबाजी के दम पर उन्होंने ICC की ताजा T20 बल्लेबाजी रैंकिंग में 230 स्थानों की ऐतिहासिक छलांग लगाई है। सीरीज से पहले 278वें स्थान पर मौजूद वैभव अब 48वें स्थान पर पहुंच गए हैं। इतनी कम उम्र में दुनिया के शीर्ष टी20 बल्लेबाजों के बीच जगह बनाना उनके लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
जिम्बाब्वे दौरे पर बल्ले से मचाया धमाल
वैभव सूर्यवंशी ने सीरीज की तीन पारियों में 151 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने दो शानदार अर्धशतक लगाए और 50.33 की औसत से रन बनाए। उनके लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें एक मुकाबले में प्लेयर ऑफ द मैच और पूरी सीरीज में प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। इस प्रदर्शन के बाद उनके 536 रेटिंग अंक हो गए हैं।
ईशान किशन नंबर-1, अभिषेक शर्मा को नुकसान
आईसीसी की नई टी20 बल्लेबाजी रैंकिंग में भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन 910 रेटिंग अंकों के साथ पहले स्थान पर कायम हैं। उन्होंने जिम्बाब्वे सीरीज में 145 रन बनाकर अपनी बादशाहत बरकरार रखी। वहीं, भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा को एक स्थान का नुकसान हुआ है और वह अब 819 अंकों के साथ तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं।
तिलक वर्मा ने भी लगाई छलांग
भारतीय टी20 टीम के उपकप्तान तिलक वर्मा ने भी अपनी रैंकिंग में सुधार किया है। जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन पारियों में 77 रन बनाने और एक अर्धशतक लगाने के बाद वह 750 रेटिंग अंकों के साथ छठे स्थान पर पहुंच गए हैं। उन्होंने इस दौरान इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक और अनुभवी बल्लेबाज जॉस बटलर को पीछे छोड़ दिया।
वनडे रैंकिंग में भी भारत का दबदबा
टी20 के साथ-साथ वनडे क्रिकेट में भी भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है। टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल ने न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल को पछाड़कर ICC वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में फिर से नंबर-1 स्थान हासिल कर लिया है। वहीं, युवा लेग स्पिनर रवि बिश्नोई ने गेंदबाजों की रैंकिंग में 31 स्थानों की छलांग लगाकर 41वां स्थान हासिल किया है। हालांकि चोट के कारण जिम्बाब्वे दौरे से बाहर रहे वरुण चक्रवर्ती तीन स्थान नीचे खिसकने के बावजूद टॉप-10 गेंदबाजों में बने हुए हैं।
वैभव सूर्यवंशी की यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट के लिए एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। महज 15 साल की उम्र में उन्होंने जिस आत्मविश्वास और निरंतरता के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन किया है, उससे यह साफ है कि आने वाले वर्षों में वह भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारों में शामिल हो सकते हैं।
