13 अगस्त 2026 पंचांग: गुरुवार को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि रहेगी। पंचांग के अनुसार प्रतिपदा तिथि रात 8:41 बजे तक रहेगी, इसके बाद द्वितीया तिथि शुरू होगी। सावन के इस पवित्र महीने में भगवान शिव की पूजा और रुद्राभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है।
13 अगस्त 2026 का पंचांग
दिन: गुरुवार
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
अयन: दक्षिणायन
ऋतु: वर्षा
मास: श्रावण
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: प्रतिपदा रात 8:41 बजे तक, इसके बाद द्वितीया
नक्षत्र: मघा, 14 अगस्त सुबह 4:38 बजे तक; इसके बाद पूर्वाफाल्गुनी
योग: वरीयान दोपहर 12:16 बजे तक, इसके बाद परिघ
राहुकाल: दोपहर 2:20 बजे से शाम 3:57 बजे तक
सूर्योदय: सुबह 6:17 बजे
सूर्यास्त: शाम 7:09 बजे
दिशाशूल: दक्षिण दिशा
श्रावण मास में रुद्राभिषेक का महत्व
सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। श्रद्धालु जल, दूध और पंचामृत सहित विभिन्न द्रव्यों से शिवलिंग का अभिषेक करते हैं।
पंचांग में दिए गए धार्मिक उल्लेख के अनुसार सावन में पंचामृत से अभिषेक को भी विशेष फलदायी माना गया है। भक्त अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर सकते हैं।
पार्थिव शिवलिंग की पूजा
सावन में पार्थिव शिवलिंग बनाकर पूजा करने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मिट्टी से बनाए गए शिवलिंग की विधिपूर्वक पूजा करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। पार्थिव शिवलिंग पर जल और बिल्वपत्र अर्पित कर शिव मंत्रों का जाप किया जाता है।
धार्मिक ग्रंथों में सावन मास के दौरान संयम और साधना का विशेष महत्व बताया गया है। इसी क्रम में भूमि पर शयन करने की धार्मिक मान्यता का भी उल्लेख मिलता है।
