आज का पंचांग – रायपुर,  छत्तीसगढ़ (रविवार, 30 अगस्त 2026)

आज का पंचांग – रायपुर, छत्तीसगढ़ (रविवार, 30 अगस्त 2026)

आज का पंचांग 30 अगस्त 2026: आज रविवार, 30 अगस्त 2026 को विक्रम संवत 2083 (गुजरात के अनुसार 2082), शक संवत 1948 और दक्षिणायन है। आज भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि सुबह 9:36 बजे तक रहेगी, इसके बाद तृतीया तिथि शुरू होगी। पंचांग के अनुसार आज उत्तरभाद्रपद नक्षत्र रहेगा, जो 31 अगस्त की रात 3:44 बजे तक है। इसके बाद रेवती नक्षत्र शुरू होगा। आज धृति योग रहेगा, जो 31 अगस्त की रात 3:46 बजे तक रहेगा।

आज का पंचांग

  • दिन: रविवार, 30 अगस्त 2026
  • विक्रम संवत: 2083
  • शक संवत: 1948
  • अयन: दक्षिणायन
  • ऋतु: शरद
  • मास: भाद्रपद, कृष्ण पक्ष
  • पक्ष – कृष्ण
  • तिथि: द्वितीया सुबह 9:36 बजे तक, इसके बाद तृतीया
  • नक्षत्र: उत्तरभाद्रपद, 31 अगस्त रात 3:44 बजे तक
  • योग: धृति, 31 अगस्त रात 3:46 बजे तक
  • राहुकाल: शाम 5:22 बजे से 6:57 बजे तक
  • सूर्योदय: सुबह 6:22 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 6:55 बजे
  • दिशाशूल: पश्चिम दिशा

द्वितीया तिथि पर क्या न खाएं

दिए गए पंचांग विवरण के अनुसार, द्वितीया तिथि पर बृहती यानी छोटा बैंगन या कटेहरी खाना निषिद्ध माना गया है। यह उल्लेख ब्रह्मवैवर्त पुराण के ब्रह्म खंड में मिलता है। चतुर्मास के दौरान तांबे और कांसे के पात्रों के बजाय अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करने तथा पलाश के पत्तों की पत्तल में भोजन करने को लेकर भी धार्मिक मान्यताएं बताई गई हैं।

31 अगस्त को बहुला चतुर्थी

बहुला चतुर्थी और बहुला चौथ भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाई जाती है। दिए गए पंचांग के अनुसार इस वर्ष यह पर्व 31 अगस्त, सोमवार को है।

इस दिन भगवान गणेश की पूजा और व्रत किया जाता है। व्रती सुबह स्नान के बाद गणेशजी के सामने व्रत का संकल्प लेकर धूप, दीप, गंध, पुष्प और प्रसाद आदि से पूजा करते हैं। चंद्रमा के उदय के बाद भगवान गणेश की पूजा कर चतुर्थी तिथि पर चंद्रदेव को अर्घ्य देने की परंपरा भी बताई गई है।

31 अगस्त को कजरी तीज भी

भाद्रपद कृष्ण पक्ष की तृतीया को कजरी तीज या सतवा तीज के रूप में भी मनाया जाता है। इस वर्ष कजरी तीज 31 अगस्त, सोमवार को है। यह तिथि माता पार्वती को समर्पित मानी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। कई स्थानों पर कजरी तीज के अवसर पर झूले लगाए जाते हैं और लोकगीतों के साथ उत्सव मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को फूल-पत्तों से सजे झूले में झुलाने की परंपरा का भी उल्लेख मिलता है।

संकष्टी चतुर्थी पर गणेशजी की पूजा

31 अगस्त 2026 को संकष्टी चतुर्थी भी है। दिए गए विवरण के अनुसार चंद्रोदय रात 8:36 बजे होगा।

कष्ट और बाधाओं से मुक्ति के लिए इस दिन भगवान गणेश का स्मरण और पूजा करने की धार्मिक मान्यता बताई गई है। सुबह गणेशजी को छह मंत्रों के साथ प्रणाम करने का उल्लेख किया गया है—

  • ॐ सुमुखाय नमः
  • ॐ दुर्मुखाय नमः
  • ॐ मोदाय नमः
  • ॐ प्रमोदाय नमः
  • ॐ अविघ्नाय नमः

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गणेशजी की आराधना को जीवन के विघ्न और बाधाओं को दूर करने वाला माना जाता है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *