ED की खबर WhatsApp स्टेटस पर लगाना पड़ा भारी

ED की खबर WhatsApp स्टेटस पर लगाना पड़ा भारी

दुर्ग जिले के पाटन इलाके में ED की कार्रवाई से जुड़ी खबर WhatsApp स्टेटस पर लगाना एक युवक के लिए परेशानी का कारण बन गया। रूही गांव के परमेश्वर सिंगौर ने अखबार में प्रकाशित ED से जुड़ी खबर अपने स्टेटस पर लगाई थी। इसके बाद जामगांव एम के किराना दुकान संचालक अनिल चंद्राकर ने कथित तौर पर उन्हें फोन कर गाली-गलौज और धमकी दी। परमेश्वर का आरोप है कि फोन पर उन्हें “मारते-मारते थाने ले जाऊंगा” और जेल में डलवा दूंगा जैसी धमकियां दी गईं। बाद में आरोपी के गांव आने की सूचना मिलने पर डर के चलते परमेश्वर गांव छोड़कर चले गए। फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी उन्होंने पुलिस को सौंपी है। पाटन थाने में शिकायत के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

स्टेटस लगाने के अगले दिन आया फोन

परमेश्वर सिंगौर के मुताबिक, 3 सितंबर को उन्होंने एक अखबार की कटिंग WhatsApp स्टेटस पर लगाई थी। खबर में ED की कार्रवाई और अनिल चंद्राकर नाम के व्यक्ति से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन का जिक्र था।

परमेश्वर का कहना है कि उन्होंने यह खबर केवल उत्सुकता और जानकारी के लिए स्टेटस पर साझा की थी। वह अखबार में नाम आए किसी भी व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते और उनका किसी से कोई विवाद भी नहीं है। अगले दिन, 4 सितंबर को दोपहर करीब 1:40 बजे उनके मोबाइल पर एक नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम अनिल चंद्राकर बताया। शिकायत के मुताबिक, फोन उठाते ही गाली-गलौज शुरू कर दी गई और उन्हें मारने तथा पुलिस थाने ले जाने की धमकी दी गई।

बातचीत की रिकॉर्डिंग पुलिस को सौंपी

परमेश्वर ने पुलिस को बताया कि फोन पर बातचीत के दौरान वह काफी डर गए थे। उन्होंने अपने दोस्त भोला राम सिंगौर के मोबाइल से बातचीत रिकॉर्ड कराई। बाद में इस रिकॉर्डिंग को पेन ड्राइव में पुलिस को सौंप दिया गया। परमेश्वर के मुताबिक, उन्होंने फोन करने वाले को समझाने की कोशिश की कि अखबार की खबर किसी को बदनाम करने के इरादे से स्टेटस पर नहीं लगाई गई थी। इसके बावजूद कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकी जारी रही।

गांव आने की सूचना के बाद घर छोड़ा

शिकायत के अनुसार, उसी दिन करीब 3:10 बजे परमेश्वर को सूचना मिली कि अनिल चंद्राकर गांव पहुंचे हैं और उन्हें बुला रहे हैं। गांव के हितेंद्र पटेल ने फोन कर यह जानकारी दी। परमेश्वर का आरोप है कि उन्हें यह भी बताया गया कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इसके बाद वह डरकर गांव से बाहर चले गए। उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर डर है और इसी वजह से वह घर से बाहर रहने को मजबूर हैं।

ED मामले वाले अनिल चंद्राकर से अलग है व्यक्ति

इस पूरे मामले में नाम को लेकर भ्रम की स्थिति भी सामने आई है। शिकायत में जिस अनिल चंद्राकर पर धमकी देने का आरोप है, वह ED की कार्रवाई में सामने आए अनिल चंद्राकर से अलग व्यक्ति है। परमेश्वर ने पुलिस को बताया कि ED केस से जुड़ी खबर से उनका कोई संबंध नहीं है। वह न तो इस मामले में गवाह हैं और न ही किसी जांच का हिस्सा हैं। उन्होंने सिर्फ अखबार में प्रकाशित खबर को अपने WhatsApp स्टेटस पर साझा किया था।

पुलिस कर रही ऑडियो और शिकायत की जांच

परमेश्वर ने पुलिस को अखबार की खबर की कॉपी के साथ फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध कराई है। पुलिस अब रिकॉर्डिंग, फोन नंबर और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। मामले में पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही धमकी के आरोपों से जुड़े अन्य तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी।

CGPSC-2021 केस की खबर से जुड़ा विवाद

जिस खबर को परमेश्वर ने स्टेटस पर लगाया था, वह CGPSC-2021 भर्ती मामले में ED की कार्रवाई से जुड़ी थी। ED की जांच के मुताबिक, परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक और अभ्यर्थियों से पैसे लेने के मामले में कई लोगों की भूमिका सामने आई थी। जांच में उत्कर्ष चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर द्वारा नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों से कथित तौर पर 3 करोड़ रुपये से अधिक नकद लेने की बात सामने आई थी। ED के अनुसार, इसमें से करीब 2.80 करोड़ रुपये अनिल चंद्राकर को दिए जाने की बात जांच में सामने आई। इसी कार्रवाई से संबंधित अखबार की खबर को परमेश्वर ने अपने स्टेटस पर साझा किया था। इसके बाद जामगांव एम के अनिल चंद्राकर द्वारा उन्हें कथित तौर पर धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है।

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