बस्तर संभाग के दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए राहत की बड़ी खबर है। बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बस्तर जिलों में आवागमन बेहतर करने के लिए करीब 200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 13 नए पुल-पुलियों का निर्माण कराया जाएगा। यह काम लोक निर्माण विभाग (सेतु) जगदलपुर संभाग के अंतर्गत किया जाएगा। इन पुलों के बनने से बारिश के मौसम में नदी-नालों के उफान के कारण कट जाने वाले गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। ग्रामीणों को मुख्य मार्गों और जिला मुख्यालयों तक पहुंचने में आसानी होगी। इसका सीधा फायदा शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और रोजमर्रा की आवाजाही में मिल सकता है।
मानसून में टूट जाता है कई गांवों का संपर्क
बस्तर संभाग के कई अंदरूनी इलाकों में मानसून के दौरान नदी और नालों में पानी बढ़ने से आवागमन प्रभावित होता है। कई बार ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क मुख्य सड़कों और जिला मुख्यालयों से टूट जाता है। नए पुल-पुलियों के निर्माण से ऐसी परिस्थितियों में आवागमन को सुगम बनाने में मदद मिलेगी। बेहतर कनेक्टिविटी से ग्रामीण आबादी को जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में भी सुविधा होगी।
धीमे निर्माण कार्य पर PWD ने जताई नाराजगी
नई परियोजनाओं के बीच पहले से चल रहे पुल निर्माण कार्यों की गति को लेकर भी लोक निर्माण विभाग ने सख्ती दिखाई है। लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग जगदलपुर के कार्यपालन अभियंता करण पंदरीला ने बस्तर जिले के बिन्ता-सतसपुर से धर्माबेड़ा एवं खड़कघाट में चल रहे पुल निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। संबंधित ठेकेदार को निर्माण कार्य में तेजी लाने और काम को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ेंगी आर्थिक गतिविधियां
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जैसे जिलों के अंदरूनी क्षेत्रों में सड़क और पुल नेटवर्क मजबूत होना क्षेत्रीय विकास के लिए अहम है। कनेक्टिविटी बेहतर होने से स्थानीय व्यापार, रोजगार और कृषि उपज को बाजार तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा ग्रामीणों के लिए आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंच भी आसान होगी। करीब 200 करोड़ रुपये की लागत वाली इन 13 परियोजनाओं से बस्तर संभाग के दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा की कनेक्टिविटी से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
