असम गैस कुएं में आग से राष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी समेत दो कर्मियों की मौत, 1600 का रेस्क्यू

  • हादसे के संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल से बातचीत की है
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर संज्ञान लेते हुए केंद्र से हर संभव मदद देने का वादा किया है
  • ओएनजीसी के साथ कई विशेषज्ञ आग पर काबू पाने में जुटे हैं
  • एनडीआरएफ के एक दल ने बुधवार सुबह उनके शव बरामद किए

डिब्रूगढ़/गुवाहाटी
असम के तिनसुकिया जिले में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम ‘ऑयल इंडिया‘ के जिस बागजान कुएं में पिछले 15 दिनों से गैस के अनियंत्रित रिसाव के बाद भीषण आग लगी है, उसके पास पानी वाले क्षेत्र के निकट कंपनी के दो दमकलकर्मी मृत पाए गए हैं। मंगलवार को आग लग जाने के बाद इलाके में तनाव फैल गया। समीप के जंगल का एक हिस्सा, मकान और वाहन जल गये। फलस्वरूप स्थानीय लोगों ने गुस्से में आकर ऑयल कर्मचारियों पर हमला कर दिया।

‘ऑयल इंडिया’ के प्रवक्ता त्रिदिव हजारिका ने बताया कि आग लगने के बाद दो दमकलकर्मी मंगलवार को लापता हो गए थे और एनडीआरएफ के एक दल ने बुधवार सुबह उनके शव बरामद किए। उन्होंने कहा, ”उनके शव आग लगने वाली जगह के निकट पानी वाले क्षेत्र से बरामद किए गए। पहली नजर में ऐसा लग रहा है कि वे पानी में कूद गए और डूब गए क्योंकि उनके शरीर पर जलने का कोई निशान नहीं हैं। उनकी मौत की असल वजह जांच के बाद ही पता चल पाएगी।”

मरने वाला एक कर्मचारी था फुटबॉलर
अधिकारी ने बताया कि दोनों की पहचान दुरलोव गोगोई और टीकेश्वर गोहेन के रूप में की गई है और दोनों कंपनी के अग्निशमन विभाग में सहायक ऑपरेटर थे। गोगोई एक जाना-माना फुटबॉल खिलाड़ी था, जिसने अंडर-19 और अंडर-21 वर्गों की कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में असम का प्रतिनिधित्व किया था। वह ‘ऑयल इंडिया’ की फुटबॉल टीम का गोलकीपर था। इस आग को बुझाने के प्रयास में ओएनजीसी का एक दमकलकर्मी मामूली रूप से झुलस गया था। ‘ऑयल इंडिया’ ने कहा है कि इस आग को बुझाने में चार सप्ताह लग जाएंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने दिया मदद का भरोसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल को ऑयल इंडिया के बागजन तेल कुएं में आग लगने की घटना के पीड़ितों को हरसंभव मदद देने और स्थिति से निपटने में सहयोग का बुधवार को आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक बयान के मुताबिक सोनोवाल की प्रधानमंत्री मोदी के साथ टेलीफोन पर बातचीत हुई। सोनोवाल ने मोदी को घटना की ताजा स्थिति से अवगत कराया और आग के फैलने के बारे में जानकारी दी।

दुर्घटना के बारे में दी जानकारी
सोनोवाल ने ट्वीट किया, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बागजान आग त्रासदी के बारे में फोन पर पूरी जानकारी दी। उन्हें पेट्रोलियम मंत्रालय, ऑयल इंडिया लिमिटेड और राज्य सरकार की मशीनरी द्वारा उठाये गये आपात कदमों के बारे में भी बताया गया। उन्होंने स्थिति को काबू में लाने और पीड़ितों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया।’

सोनोवाल ने इस हादसे में हुई लोगों की मौत पर दुख प्रकट किया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय से पीड़ितों को मुआवजा दिए जाने की अपील की है। उन्होंने कहा, ‘मैं केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री से अनुरोध करता हूं कि वह उनके परिवार को पर्याप्त मुआवजा दे क्योंकि उन्होंने अपना कर्तव्य निभाते हुए अपनी जान की कुर्बानी दी। मैं मंत्रालय से दोनों परिवारों के एक-एक सदस्य को रोजगार देने का अनुरोध करता हूं।’

लोगों से किया सुरक्षा का वादा
सोनोवाल ने कहा कि स्थल पर मौजूद ऑयल के चार कर्मी पानी में कूदे थे, लेकिन दो ही जीवित बचे। सोनोवाल ने गुवाहाटी में कहा, ‘हम निकटवर्ती गांवों में रह रहे सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। हम उनके नुकसान के लिए उन्हें पर्याप्त मुआवजा देंगे।’ उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पेट्रोलियम मंत्री धमेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह से भी बातचीत की और उन सभी ने उन्हें सहयोग का आश्वासन दिया।

दिया जाएगा वीरता पुरस्कार
राज्य के उद्योग मंत्री चंद्र मोहन पटवारी ने घटनास्थल का दौरा किया और ऑयल के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में निर्णय लिया गया कि असम सरकार और कंपनी प्रभावित लोगों को सभी मदद करेगी। ओआईएल के भारत प्रबंध निदेशक सुशील चंद्र मिश्रा ने पटवारी को आश्वासन दिया कि कुंए में आग 21 दिनों में बुझेंगे। पटवारी ने स्थिति को नियंत्रण में लाने की कार्ययोजना पर संबंधित पक्षों के साथ चर्चा भी की। जिन दो दमकलकर्मियों की जान गयी है उन्हें मरणोपरांत पेट्रोलियम मंत्रालय वीरता पुरस्कार प्रदान करेगा।

दिया जाएगा मुआवजा
कंपनी टिकेश्वर गोहैन के परिवार को एक करोड़ रूपये और गोगोई के परिवार को 60 लाख रूपये देगी। दिन में एक अन्य बैठक हुई जिसमें केंद्रीय मंत्री रामेश्वर तेली भी पहुंचे। बैठक में तय किया गया कि तिनसुकिया के उपायुक्त नुकसान का आकलन करेंगे और कंपनी एवं राज्य सरकार क्षतिपूर्ति देगी।

स्थानीय लोगों ने किया कर्मचारियों पर हमला
ओआईएल के एक अधिकारी ने कहा, ‘कई मकान, वाहन, छोटे उद्यान और कुछ वनक्षेत्र जल गए हैं। हम आग लगने के कारण हुए नुकसान का सटीक अनुमान लगाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन आग के अभी भीषण होने और तापमान अधिक होने के कारण यह काम मुश्किल हो गया है।” ओआईएल के दमकलकर्मियों के अलावा, थलसेना, वायुसेना, ओआईसी और असम गैस कंपनी के दमकलकर्मी भी आग को और फैलने से रोकने की कोशिश कर रहे है। कंपनी के एक प्रवक्ता ने बताया कि आग लगने के कुछ ही देर बाद बागजान में और इसके आस-पास ओआईएल कर्मियों पर स्थानीय लोगों ने हमला किया था, जिसमें कई कर्मी घायल हो गए थे।

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