देशभर में सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल की घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार आज लोकसभा में The Public Examinations Amendment Bill, 2026 पेश करेगी। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह इस विधेयक को सदन में प्रस्तुत करेंगे। इस महत्वपूर्ण बिल पर लोकसभा में करीब 8 से 10 घंटे तक चर्चा होने की संभावना है।
यह संशोधन Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 में बदलाव करने के लिए लाया जा रहा है, ताकि परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं पर और अधिक प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
फास्ट ट्रैक कोर्ट और तय समय में जांच का प्रावधान
प्रस्तावित संशोधन के तहत पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए जा सकेंगे। साथ ही ऐसे मामलों की जांच दो महीने के भीतर पूरी करने का प्रावधान भी प्रस्तावित है।
सरकार का उद्देश्य दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना और छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा मजबूत करना है। विधेयक में दोषी पाए जाने वालों के लिए कड़ी सजा और भारी जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है। राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को जरूरत के अनुसार विशेष अदालतें स्थापित करने का अधिकार मिलेगा, जहां मामलों की नियमित सुनवाई होगी।
युवा सांसदों पर रहेगा सरकार का भरोसा
इस अहम विधेयक पर चर्चा के दौरान एनडीए ने अपने युवा सांसदों को प्रमुखता देने की रणनीति बनाई है। सरकार की ओर से बांसुरी स्वराज और तेजस्वी सूर्या चर्चा में हिस्सा लेंगे।
इसके अलावा विभिन्न दलों के कई सांसद भी बहस में भाग लेंगे, जिनमें सयोनी घोष, मिताली बाग, लावु श्री कृष्ण देवरायलु, लल्लन सिंह, डॉ. श्रीकांत शिंदे, सुनील तटकरे, अनुप्रिया पटेल और अरुण भारती शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल भी होगा पेश
आज लोकसभा के एजेंडे में Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 भी शामिल है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल इस विधेयक को सदन में पेश करेंगे, जिस पर चर्चा के बाद इसे पारित कराने की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है।
सरकार का मानना है कि इन दोनों विधेयकों के जरिए न्यायिक व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह बनाया जा सकेगा।
