छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक बार फिर बड़ी सफलता मिली है। कांकेर और नारायणपुर जिलों में अलग-अलग संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के दो बड़े डंप बरामद किए हैं। कार्रवाई में भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक, गोला-बारूद और 297 जीवित कारतूस जब्त किए गए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इन बरामदगी से नक्सलियों की बड़ी साजिश को समय रहते विफल कर दिया गया है। दोनों जिलों में लगातार चल रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन के कारण नक्सल संगठन लगातार कमजोर पड़ रहे हैं और उनके छिपाए गए हथियारों के जखीरे भी सामने आ रहे हैं।
कांकेर में जंगल से मिला नक्सलियों का बड़ा डंप
कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र में चलाए जा रहे सघन सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों को गट्टाकाल और दरवीकोड़ो के बीच जंगल-पहाड़ी इलाके में नक्सलियों का छिपाया गया डंप मिला।
यह संयुक्त अभियान कांकेर पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड (DRG), सीमा सुरक्षा बल (BSF) और बम निरोधक दस्ता (BDS) द्वारा चलाया जा रहा था। तलाशी के दौरान जवानों ने नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया हथियारों और विस्फोटकों का बड़ा जखीरा बरामद किया।

डंप से बरामद सामग्री
- 1 यूबीजीएल (UBGL)
- 1 देशी कट्टा
- 2 यूबीजीएल सेल
- 10 बीजीएल सेल
- 10 बीजीएल राउंड
- AK-47 के 2 जिंदा राउंड
- .303 रायफल के 14 राउंड
- SLR के 99 राउंड
- 8 एमएम के 21 राउंड
- 9 एमएम पिस्टल के 23 राउंड
- AK-47 की 2 मैगजीन
- SLR की 1 मैगजीन डेटोनेटर
- करीब 10 किलोग्राम विस्फोटक बारूद
- एक दूरबीन सहित अन्य नक्सली सामग्री
बरामद विस्फोटकों को मौके पर ही बम निरोधक दस्ते (BDS) ने सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया, ताकि किसी प्रकार की जनहानि या दुर्घटना न हो।
40 से ज्यादा नक्सली डंप पहले भी हो चुके हैं बरामद
कांकेर पुलिस के अनुसार, नक्सल प्रभावित सीमावर्ती इलाकों में लगातार संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के दौरान अब तक 40 से अधिक नक्सली डंप बरामद किए जा चुके हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जंगलों में लगातार सर्चिंग की जा रही है, जिससे नक्सलियों के छिपाए गए हथियार और विस्फोटक लगातार सामने आ रहे हैं। इससे नक्सली संगठन की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिल रही है।
नारायणपुर में भी बड़ी सफलता, 297 जिंदा कारतूस बरामद
इधर नारायणपुर जिले में भी सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।
जिला रिजर्व गार्ड (DRG) नारायणपुर और आईटीबीपी की 53वीं वाहिनी की संयुक्त टीम ने थाना ओरछा क्षेत्र के आदींगपार कैंप के समीप कसोड़-कुमेरादी के जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाया।
तलाशी के दौरान जवानों को नक्सलियों द्वारा छिपाया गया एक डंप मिला, जिसमें भारी मात्रा में गोला-बारूद रखा गया था।
297 जिंदा कारतूस जब्त
संयुक्त टीम ने डंप से कुल 297 जीवित कारतूस बरामद किए, जिनमें—
- 7.62 मिमी के 195 कारतूस
- 5.56 मिमी के 102 कारतूस
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन कारतूसों का उपयोग नक्सली भविष्य में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए कर सकते थे। समय रहते बरामदगी होने से उनकी योजना विफल हो गई।
लगातार कमजोर हो रहे नक्सली संगठन
पिछले कुछ महीनों में छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग सहित सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ अभियान तेज किया है।
लगातार हो रही कार्रवाई के चलते—
- नक्सली ठिकाने ध्वस्त किए जा रहे हैं।
- हथियारों और विस्फोटकों के डंप बरामद हो रहे हैं।
- बड़ी संख्या में नक्सली गिरफ्तार और आत्मसमर्पण कर रहे हैं।
- नक्सलियों के रसद और हथियार आपूर्ति नेटवर्क पर भी प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि जंगलों में लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी रहेगा और नक्सल गतिविधियों को पूरी तरह समाप्त करने तक अभियान नहीं रुकेगा।
