बिलासपुर, 9 जुलाई 2025 — छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक बार फिर सोशल मीडिया पर ठगी की वारदात सामने आई है। इस बार पुलिस अफसर के नाम का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी करने की कोशिश की गई। एसपी ऑफिस में पदस्थ DSP रश्मित कौर चावला के नाम पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने फर्जी वॉट्सऐप अकाउंट बनाकर उनके परिचितों से पुराना फर्नीचर बेचने के बहाने पैसों की मांग शुरू कर दी।
यह मामला सामने तब आया जब DSP के परिचित कौशलेंद्र सारथी को उनके नंबर से एक संदिग्ध मैसेज आया जिसमें लिखा था कि DSP को पुराना फर्नीचर बेचना है। मैसेज देखकर उन्हें शक हुआ और उन्होंने तुरंत स्क्रीनशॉट लेकर रश्मित कौर चावला को भेजा।
फर्जीवाड़ा उजागर, DSP ने की शिकायत
DSP रश्मित कौर ने तत्काल फर्जी अकाउंट की तस्दीक की और पाया कि कोई अज्ञात व्यक्ति उनके नाम और फोटो का उपयोग कर ठगी की कोशिश कर रहा है। उन्होंने इस घटना की शिकायत सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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ठगी के ये हैं तरीके
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि फर्जी अकाउंट बनाकर अपराधी:
फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान या अन्य वस्तुएं बेचने का बहाना बनाकर पैसे मांगते हैं।
खुद को पहचान में आने वाला व्यक्ति बताकर भावनात्मक रूप से जोड़ने की कोशिश करते हैं।
यूजर्स को जल्दी पैसे भेजने के लिए दबाव बनाते हैं या इमरजेंसी बताकर ठगते हैं।
इस बार ठग पुलिस अफसर के नाम का इस्तेमाल कर रहे थे, लेकिन सौभाग्य से कौशलेंद्र सतर्क रहे और उन्होंने सही समय पर जानकारी दे दी।

