कोरबा जिले के करतला थाना क्षेत्र के ग्राम केराकछार में एक महिला की मौत की घटना सामने आई है। 52 वर्षीय मंगलो बाई सारथी ने मोबाइल नेटवर्क बाधित होने के बाद फोन जमीन पर पटककर तोड़ दिया था। इसके कुछ देर बाद उन्होंने कीटनाशक पी लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना 5 सितंबर की दोपहर की बताई जा रही है। पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
रील देखते समय बार-बार गायब हुआ इंटरनेट नेटवर्क
जानकारी के मुताबिक, मंगलो बाई घर में मोबाइल पर रील देख रही थीं। इसी दौरान इंटरनेट नेटवर्क बार-बार बाधित होने लगा और वीडियो रुक-रुककर चलने लगा। नेटवर्क की समस्या से नाराज होकर उन्होंने मोबाइल जमीन पर पटक दिया, जिससे फोन क्षतिग्रस्त हो गया। इसके कुछ समय बाद उन्होंने घर में रखा कीटनाशक पी लिया।
बेटी ने देखी मां की बिगड़ती हालत
कीटनाशक पीने के बाद मंगलो बाई की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। वह दर्द से परेशान थीं। घर में मौजूद उनकी 17 वर्षीय बेटी ने मां की हालत देखी और परिवार के अन्य सदस्यों को इसकी जानकारी दी। परिजन उन्हें तत्काल करतला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उपचार किया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
परिवार में पति और तीन बच्चे
मंगलो बाई के परिवार में उनके पति प्रेमलाल सारथी और तीन बच्चे हैं। सबसे बड़ा बेटा 24 साल का है और उसकी शादी हो चुकी है। वह कोरबा में रहता है। करतला स्थित घर में मंगलो बाई के साथ उनके पति प्रेमलाल, 22 वर्षीय बेटा और 17 वर्षीय बेटी रहते थे। घटना के बाद बेटी ने ही मां को गंभीर हालत में देखा था।
मोबाइल और सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर चिंता
यह घटना सोशल मीडिया और मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल से जुड़े व्यवहार पर भी सवाल उठाती है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर महिला की मौत के पीछे केवल रील देखने की आदत को ही कारण मानना उचित नहीं होगा। लगातार मोबाइल या शॉर्ट वीडियो देखने की आदत कुछ लोगों में बेचैनी या चिड़चिड़ापन बढ़ा सकती है, खासकर जब इसका इस्तेमाल रोजमर्रा की गतिविधियों पर असर डालने लगे। परिवार को ऐसे व्यवहार में अचानक और गंभीर बदलाव दिखाई दे तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञों की मदद, परिवार के साथ बातचीत और जरूरत पड़ने पर मनोवैज्ञानिक परामर्श ऐसी परिस्थितियों में उपयोगी हो सकता है।
पुलिस ने की वैधानिक कार्रवाई
करतला पुलिस ने मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। घटना से जुड़े परिस्थितियों और मौत के कारणों की जांच की जा रही है।
