छत्तीसगढ़ में सरकारी सेवाओं को आम लोगों तक आसानी से पहुंचाने के लिए शुरू किया गया ‘सेवा सेतु’ तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। एक माह में ही करीब 4.50 लाख नागरिक इससे जुड़े हैं। वहीं, 1 अप्रैल 2025 से 31 अगस्त 2026 तक सेवा सेतु के माध्यम से 50 लाख से अधिक आवेदन किए गए हैं, जिनमें से 49.05 लाख से ज्यादा आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। इस साल 1 अप्रैल से 31 अगस्त के बीच नागरिकों को 17 लाख 20 हजार से अधिक प्रमाण पत्र व्हाट्सऐप के जरिए भेजे जा चुके हैं। इससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हुई है और कई सेवाएं घर बैठे उपलब्ध हो रही हैं।
एक क्लिक पर 848 सरकारी सेवाएं
सेवा सेतु के जरिए वर्तमान में छत्तीसगढ़ के 38 विभागों की 848 सरकारी सेवाएं एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। ऑनलाइन आवेदन, आवेदन की स्थिति की ट्रैकिंग, दस्तावेज डाउनलोड और मोबाइल अलर्ट जैसी सुविधाओं ने सरकारी सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाया है। 31 जुलाई 2026 तक सेवा सेतु पर 45,67,350 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 45,09,341 का निराकरण किया जा चुका था। इसके बाद अगस्त में भी बड़ी संख्या में आवेदन आने से कुल आवेदन का आंकड़ा 50 लाख के पार पहुंच गया।
29 अप्रैल को शुरू हुआ सेवा सेतु का नया संस्करण
छत्तीसगढ़ में डिजिटल सरकारी सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए 29 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सेवा सेतु के नए संस्करण की शुरुआत की थी। वर्तमान में प्रदेश में आईटी आधारित सेवा व्यवस्था का तीसरा चरण यानी ‘IT 3.0’ लागू है। इस व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आधार आधारित सेवाएं, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और बहुभाषी डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसी तकनीकों को शामिल किया गया है।
2003 से शुरू हुई डिजिटल सेवा की यात्रा
छत्तीसगढ़ में सरकारी सेवाओं को डिजिटल माध्यम से लोगों तक पहुंचाने की प्रक्रिया कई चरणों में आगे बढ़ी है।
IT 1.0: वर्ष 2003 में डिजिटल कियोस्क के जरिए ‘सिटिजन सर्विस डिलीवरी’ की शुरुआत हुई थी। उस समय आठ सेवाएं उपलब्ध थीं। वर्ष 2011 तक लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत नौ विभागों की 25 योजनाओं का लाभ लोगों को मिल रहा था।
IT 2.0: वर्ष 2015 में ई-डिस्ट्रिक्ट के जरिए ऑनलाइन सेवा वितरण की दिशा में विस्तार हुआ। इसकी शुरुआत 86 सेवाओं से हुई थी।
IT 3.0: वर्ष 2026 में सेवा सेतु के जरिए एआई, आधार आधारित सेवाओं, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण और बहुभाषी डिजिटल प्लेटफॉर्म को बढ़ावा दिया गया। अब 38 विभागों की 848 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
सेवा सेतु की प्रमुख सुविधाएं
सेवा सेतु पोर्टल पर नागरिकों को कई सुविधाएं एक ही जगह मिल रही हैं:
- ऑनलाइन आवेदन और ट्रैकिंग: नागरिक स्वयं आवेदन कर उसकी स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं।
- व्हाट्सऐप सुविधा: आवेदन, अपडेट और दस्तावेज डाउनलोड जैसी सुविधाएं व्हाट्सऐप के जरिए उपलब्ध हैं।
- डिजिटल प्रमाणपत्र: क्यूआर कोड सत्यापन और डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाणपत्र की सुविधा है।
- बहुभाषी सुविधा: स्थानीय जरूरतों के अनुसार पोर्टल पर बहुभाषी सेवाएं उपलब्ध हैं।
- लाइव डैशबोर्ड: सेवा से जुड़े आंकड़े जनता के लिए लाइव डैशबोर्ड पर उपलब्ध हैं।
- मोबाइल अलर्ट: आवेदन की प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों की जानकारी मोबाइल पर भेजी जाती है।
- ऑनलाइन पेमेंट: शुल्क भुगतान के लिए ट्रेजरी और ई-चालान व्यवस्था से एकीकरण किया गया है।
- स्वचालित अग्रेषण: तय समयसीमा में कार्रवाई नहीं होने पर आवेदन स्वतः उच्चाधिकारी को भेजने की व्यवस्था है।
ऐसे करें सेवा सेतु पर आवेदन
नागरिक सेवा सेतु के जरिए अपनी जरूरत की सरकारी सेवा के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए:
- मोबाइल या कंप्यूटर से सेवा सेतु पोर्टल पर नागरिक लॉगिन करें।
- अपनी जरूरत की सरकारी सेवा का चयन करें।
- आवश्यक दस्तावेज स्कैन करके आवेदन के साथ अपलोड करें।
- आवेदन जमा करने के बाद मिलने वाला यूनिक आवेदन संदर्भ क्रमांक सुरक्षित रखें।
- इसी क्रमांक से आवेदन की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक की जा सकती है।
जो नागरिक खुद ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते, वे निकटतम सेवा सेतु केंद्र पर जाकर भी आवेदन करा सकते हैं। किसी तरह की समस्या या शिकायत होने पर पोर्टल के होमपेज पर उपलब्ध शिकायत/सूचना विकल्प का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा CHiPS हेल्पलाइन नंबर 9203406400 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
सेवा सेतु के आंकड़े
| विवरण | आंकड़ा |
|---|---|
| कुल विभाग | 38 |
| कुल सेवाएं | 848 |
| सेवा केंद्र | 16,752 |
| कुल आवेदन | 50,17,951 |
| स्वीकृत आवेदन | 45,61,903 |
| अस्वीकृत आवेदन | 3,43,338 |
| निराकृत आवेदन | 49,05,241 |
छत्तीसगढ़ सरकार की डिजिटल सेवा व्यवस्था के विस्तार के साथ अब प्रमाणपत्र और अन्य सरकारी सेवाओं के लिए नागरिकों की ऑनलाइन पहुंच बढ़ रही है। सेवा सेतु के जरिए आवेदन से लेकर उसकी स्थिति जानने तक की प्रक्रिया को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
