क्या कोई सॉफ्ट ड्रिंक दवा का काम कर सकती है? यह सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन अमेरिका से सामने आए एक मेडिकल मामले ने डॉक्टरों और आम लोगों को हैरान कर दिया है। एक बुजुर्ग महिला के पेट में बनी गंभीर गांठ (बेजोआर) के इलाज के लिए डॉक्टरों ने दवा के साथ करीब डेढ़ लीटर डाइट कोक पीने की सलाह दी। हैरानी की बात यह रही कि महज दो दिनों में गांठ काफी हद तक घुल गई और आगे का इलाज आसान हो गया।
क्या था पूरा मामला?
अमेरिका के साल्ट लेक सिटी से सामने आए इस मामले का जिक्र Salt Lake City Weekly की “News of the Weird” रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक बुजुर्ग महिला के पेट में बेजोआर (Bezoar) नाम की कठोर गांठ बन गई थी। यह गांठ लंबे समय तक अपचित भोजन, फलों के रेशों या अन्य पदार्थों के जमा होने से बनती है और कई बार पाचन तंत्र को अवरुद्ध कर देती है।
डॉक्टरों के सामने चुनौती थी कि बिना बड़ी सर्जरी के इस गांठ को कैसे हटाया जाए। इसके बाद विशेषज्ञों ने एक अलग तरीका अपनाने का फैसला किया।
क्यों पिलाई गई डाइट कोक?
महिला को नियमित दवाओं के साथ लगभग 1.5 लीटर डाइट कोक पीने की सलाह दी गई। चिकित्सकों के अनुसार, डाइट कोक में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड गैस और हल्के अम्लीय तत्व कुछ प्रकार के बेजोआर को नरम करने और उसे छोटे-छोटे हिस्सों में तोड़ने में मदद कर सकते हैं। इससे गांठ को निकालना या उसका उपचार करना आसान हो जाता है।
सिर्फ दो दिन में मिला सकारात्मक परिणाम
डॉक्टरों की सलाह के अनुसार उपचार शुरू करने के बाद केवल 48 घंटे में महिला के पेट की गांठ काफी हद तक घुल गई। इसके बाद डॉक्टरों को आगे की चिकित्सा प्रक्रिया पूरी करने में आसानी हुई और मरीज की हालत में तेजी से सुधार दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों ने इसे एक सफल चिकित्सकीय उदाहरण बताया, हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह तरीका केवल कुछ विशेष परिस्थितियों में ही प्रभावी हो सकता है।
क्या हर मरीज के लिए कारगर है यह तरीका?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि डाइट कोक किसी भी तरह से सामान्य दवा का विकल्प नहीं है। इसका उपयोग केवल चुनिंदा प्रकार के फाइटोबेजोआर (Phytobezoar) जैसे मामलों में और डॉक्टरों की निगरानी में ही किया जाता है।
हर मरीज की स्थिति अलग होती है, इसलिए बिना चिकित्सकीय सलाह के इस तरह का प्रयोग करना नुकसानदायक हो सकता है।
क्या होता है बेजोआर?
बेजोआर पेट या आंतों में बनने वाली कठोर गांठ होती है, जो अपचित भोजन, पौधों के रेशों, बालों या अन्य पदार्थों के जमा होने से बनती है। इसके कारण पेट दर्द, उल्टी, भूख कम लगना, भोजन का सही तरीके से पच न पाना और गंभीर मामलों में आंतों में रुकावट जैसी समस्याएं हो सकती हैं। समय पर इलाज न मिलने पर कई मरीजों को एंडोस्कोपी या सर्जरी की भी आवश्यकता पड़ सकती है |
