अंडे के छिलके से बना कंक्रीट सीमेंट से भी मजबूत! रिसर्च में सामने आया चौंकाने वाला नतीजा

अंडे के छिलके से बना कंक्रीट सीमेंट से भी मजबूत! रिसर्च में सामने आया चौंकाने वाला नतीजा

अंडे को आमतौर पर बेहद नाजुक चीज माना जाता है, जो हल्की चोट लगने पर भी टूट जाता है। दूसरी तरफ सीमेंट और कंक्रीट का इस्तेमाल मजबूत निर्माण के लिए किया जाता है। लेकिन एक नई रिसर्च में अंडे के छिलकों से तैयार पाउडर को कंक्रीट में मिलाकर इसके असर का अध्ययन किया गया है। अध्ययन में एक खास मात्रा में अंडे के छिलके का पाउडर इस्तेमाल करने पर कंक्रीट की मजबूती में बढ़ोतरी देखी गई।

इस प्रयोग में अंडे के छिलकों को पहले सुखाया गया और फिर उन्हें बारीक पाउडर में बदला गया। इसके बाद कंक्रीट के मिश्रण में सीमेंट की मात्रा कम करके करीब 10 प्रतिशत सीमेंट की जगह अंडे के छिलके का पाउडर इस्तेमाल किया गया।

अंडे के छिलके से कंक्रीट बनाने की क्या है वजह?

इस प्रयोग के पीछे अंडे के छिलके की रासायनिक संरचना अहम है। अंडे के छिलके मुख्य रूप से कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO3) से बने होते हैं। यही पदार्थ चूना पत्थर में भी पाया जाता है और चूना पत्थर सीमेंट निर्माण के लिए प्रमुख कच्चे माल में शामिल है।

यानी अंडे के छिलके का पाउडर कंक्रीट के लिए पूरी तरह अलग सामग्री नहीं है। इसमें मौजूद कैल्शियम कार्बोनेट उस सामग्री से रासायनिक रूप से जुड़ा है, जिसका इस्तेमाल सीमेंट बनाने की प्रक्रिया में होता है।

10 प्रतिशत अंडे के पाउडर पर दिखा असर

रिसर्च में अलग-अलग मिश्रणों की मजबूती की तुलना की गई। करीब 10 प्रतिशत अंडे के छिलके के पाउडर वाले कंक्रीट बैच में दरार आने से पहले सामान्य कंक्रीट की तुलना में ज्यादा वजन सहने की क्षमता देखी गई।

हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि सीमेंट को बड़ी मात्रा में अंडे के छिलके के पाउडर से बदला जा सकता है। अध्ययन में एक खास अनुपात पर ही सकारात्मक परिणाम देखने को मिले।

10 प्रतिशत से ज्यादा होने पर घट गई मजबूती

रिसर्च की एक अहम बात यह भी सामने आई कि अंडे के छिलके के पाउडर की मात्रा 10 प्रतिशत से अधिक होने पर कंक्रीट की मजबूती कम होने लगी।

अध्ययन के अनुसार, ज्यादा मात्रा में पाउडर मिलाने पर मिश्रण में छोटे-छोटे छेद बढ़ सकते हैं। इससे सामग्री के बीच बॉन्डिंग कमजोर होने लगती है और कंक्रीट की स्ट्रेंथ प्रभावित होती है।

इसलिए अंडे के छिलके के पाउडर का इस्तेमाल एक निश्चित मात्रा तक ही फायदेमंद पाया गया।

निर्माण के साथ कचरे की समस्या का भी समाधान

अंडे के छिलके पोल्ट्री और खाद्य उद्योग से निकलने वाले कचरे का हिस्सा हैं। अगर इनके पाउडर का इस्तेमाल कंक्रीट में सीमेंट के एक हिस्से के विकल्प के तौर पर किया जाता है, तो इससे कचरे के निपटारे और निर्माण उद्योग से जुड़े पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने की संभावना बन सकती है।

सीमेंट निर्माण में चूना पत्थर जैसे कच्चे माल की जरूरत होती है और निर्माण प्रक्रिया में उत्सर्जन भी होता है। ऐसे में सीमेंट के एक हिस्से को अपशिष्ट सामग्री से बदलने का प्रयोग टिकाऊ निर्माण की दिशा में एक विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।

कितना इस्तेमाल फायदेमंद है

इस रिसर्च का सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष यही है कि अंडे के छिलके का पाउडर सीमित मात्रा में इस्तेमाल किया जाना जरूरी है। करीब 10 प्रतिशत तक के इस्तेमाल पर मजबूती में सकारात्मक बदलाव देखा गया, जबकि इससे अधिक मात्रा में मजबूती घटने लगी।

इस तरह अंडे के छिलके से तैयार पाउडर भविष्य में निर्माण सामग्री में अपशिष्ट के उपयोग की संभावनाओं को बढ़ा सकता है। हालांकि बड़े पैमाने पर इस्तेमाल से पहले इसकी मजबूती, टिकाऊपन और निर्माण संबंधी मानकों पर आगे के परीक्षण जरूरी होंगे।

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