छत्तीसगढ़ में सत्ताधारी दल कांग्रेस ने केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ मंगलवार को बुलाए गए किसानों के भारत बंद का समर्थन किया है। कांग्रेस ने लोगों से अनुरोध किया है वह किसाFarmers shut down, Congress and other organizations support in Chhattisgarhनों का समर्थन करें।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के प्रमुख शैलेष नितिन त्रिवेदी ने सोमवार को बताया कि कांग्रेस किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बंद का समर्थन करेगी।
त्रिवेदी ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने मंगलवार को किसानों के भारत बंद में कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता, मोर्चा, संगठनों, प्रकोष्ठ और विभागों के लोगों को दायित्व दिया है।
उन्होंने बताया कि अस्पताल, एंबुलेंस, फायरब्रिगेड, दवा दुकान जैसी आवश्यक सेवाओं को बंद के आह्वान से मुक्त रखा गया है। बंद का आयोजन शांतिपूर्ण, अहिंसक और गांधीवादी तरीके से होगा।
त्रिवेदी ने कहा कि किसानों की मांगों जिनमें तीनों काले कृषि कानूनों को तत्काल प्रभाव से रद्द किए जाने की मांग शामिल हैं, का कांग्रेस समर्थन करती है।
कांग्रेस नेता ने बताया कि छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने कांग्रेस के आग्रह पर आठ दिसंबर को भारत बंद का समर्थन किया है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीनों कृषि कानून किसानों के हित के खिलाफ है। किसान मांग कर रहे हैं कि इन कानूनों को रद्द किया जाए। कांग्रेस अपील करती है कि समाज के सभी वर्ग किसानों का साथ दें।
वहीं छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के संयोजक संकेत ठाकुर ने बताया कि राज्य के 36 संगठनों ने बंद को अपना समर्थन दिया है। इनमें किसान, मजदूर और सामाजिक संगठन शामिल हैं। महासंघ बंद के दौरान राज्य के कई स्थानों पर रैली का आयोजन करेगा।
इधर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कांग्रेस और केंद्र में विपक्षी दलों पर राजनीतिक षड़यंत्र रचने तथा किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। सिंह ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि कांग्रेस पार्टी का अस्तित्व पूरे देश में खत्म हो रहा है। अस्तित्व को बचाने के लिए वह सड़कों पर उतर रही है।
जब उनसे पूछा गया कि किसानों को नए कृषि कानूनों के बारे में आश्वस्त क्यों नहीं किया गयातो उन्होंने कहा कि किसान आश्वस्त होंगे। लेकिन कुछ समूह ऐसे भी हैं जो किसानों को गुमराह कर रहे हैं।

