छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव के डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी मंदिर में व दंतेवाड़ा के दंतेश्वरी मंदिर में नवरात्र पर्व का आयोजन इस बार भी नहीं होगा। देवी मंदिरों में सामूहिक पूजा-पाठ नहीं होगा। मनोकामना जोत को मंदिर के ही पुजारी जलाएंगे। लॉकडाउन के बीच चैत्र नवरात्र को लेकर देवालयों में पूरी तैयारी हो चुकी है।
लगातार तीसरी नवरात्रि पर मंदिर बंद
यह लगातार तीसरी नवरात्रि है, जब डोंगरगढ़ मंदिर और दंतेश्वरी मंदिर आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। बीते चैत्र नवरात्रि में भी कोरोना संक्रमण के चलते यही स्थिति रही, इसके बाद क्वांर नवरात्रि में भी श्रद्धालुओं के लिए मंदिर नहीं खोला गया। अब इस बार भी ऐसी स्थिति बनी हुई है।
ऑनलाइन दर्शन भी कर सकेंगे
मां बम्लेश्वरी के भक्त मंदिर के पोर्टल में bamleshweri.org पर जाकर ऑनलाइन दर्शन कर सकेंगे। राजनांदगांव के सिद्धपीठ काली मंदिर के काली मंदिर भरकापारा फेसबुक पेज, पाताल भैरवी मंदिर के पेज पर भी दर्शन लाभ ले सकेंगे। इसी तरह मां दंतेश्वरी के दर्शन दंतेवाड़ा प्रशासन की अधिकारिक वेबसाइट के जरिए भक्त विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म से कर सकेंगे। प्रशासन ने भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर के बाहर जयस्तंभ चौक में एलईडी स्क्रीन भी लगा दी है। इसके जरिए मां की लाइव तस्वीरें दिखाई जा रही हैं। मंदिर में इस बार 2300 तेल व 650 घी के आस्था दीप प्रज्वलित किए गए हैं।
प्रसिद्ध पीठ मां बम्लेश्वरी देवी मंदिर में हर साल हजारों की संख्या में नवरात्र में श्रद्धालु पहुंचते हैं और माता के दर्शन करते हैं। न सिर्फ प्रदेश से बल्कि देश के कई हिस्से से लोग यहां पहुंचते हैं। कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने प्रशासन ने पहले ही लॉकडाउन लगा रखा है। मंदिरों में सामूहिक पूजा-पाठ नहीं होगा। मनोकामना जोत को मंदिर के ही पुजारी प्रज्ज्वलित करेंगे। यहीं नहीं मंदिर समिति को कोविड गाइड लाइन का कड़ाई से भी पालन करना अनिवार्य होगा। नवरात्र के किसी भी दिन भक्त मंदिर के अंदर नहीं जा सकेंगे। ना हीं मंदिर के आसपास कोई दुकान लगेंगी

