राज्य में सूखा नशा रोकने की सरकारी घोषणा के बाद रायपुर पुलिस 15 जुलाई से हैलो जिंदगी के नाम से अभियान शुरू करने जा रही है। स्कूल, कॉलेज, कॉलोनी, बस्ती से लेकर मॉल और बाजार में पुलिस युवाओं की टोली पर फोकस कर उन्हें नशे के नुकसान बताएगी। शॉर्ट फिल्म के जरिये बताया जाएगा कि नशा अच्छे शहरी को कैसे गर्त में पहुंचाता है। नशा छोड़ चुके कुछ लोगों को सामने लाया जाएगा। वे अपनी कहानी बताएंगे की नशे के चंगुल में फंसकर कैसे वे बरबाद हुए फिर किस तरह उन्होंने अपने आप को संभाला। अब नशे से दूर होने पर उनके जीवन में कितना बदलाव आया है।
नशे के चंगुल से छूटे लोगों की कहानी को इस तरह प्रस्तुत किया जाएगा कि जो अभी इसकी गिरफ्त में फंसे हैं उन्हें हताश होने की जरूरत नहीं है। वे भी नशे से दूर हो सकते हैं। बच्चों को इस अभियान से अभियान से जोड़ने के लिए पेटिंग और निबंध प्रतियोगिता भी रखी जाएगी। ताकि बच्चे अपने घरों में नशा करने वालों को सीख दे सके। पुलिस एक माह तक अभियान चलाएगी। इस मुहिम में नशा के खिलाफ काम करने वाली संस्थाओं को जोड़ा जाएगा। इस दौरान जो लोग नशा छोड़ने की इच्छा जाहिर करेंगे, उन्हें नशा मुक्ति केंद्र भेजा जाएगा। रायपुर आईजी अजय यादव ने बताया कि नशे के तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। दूसरे राज्यों से भी तस्करों को पकड़ा जा रहा है। अंतरराज्जीय स्तर पर फैले नेटवर्क को तोड़ा जा रहा है।
एक साल में 61 लाख का नशीला पदार्थ जब्त : पुलिस ने पिछले एक साल 61 लाख का नशीला पदार्थ जब्त किया है। एक टन से ज्यादा गांजा जब्त किया गया है। ओडिशा और तेलंगाना से भी बड़ी मात्रा में यहां नशा लाया जा रहा है। पुलिस ने इन रैकेट के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में नशीली टेबलेट, सिरप और कैप्सूल जब्त की गई है। इस दौरान 364 से ज्यादा तस्करों को गिरफ्तार किया है।

