Hockey Nursery AstroTurf: ‘हॉकी की नर्सरी’ के नाम से पहचान रखने वाले स्टेडियम को जल्द ही नया एस्ट्रोटर्फ मिलने जा रहा है। पीडब्ल्यूडी विभाग ने दिल्ली की एजेंसी को वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है। इसके बाद पुराने एस्ट्रोटर्फ को हटाने का काम शुरू हो गया है। उम्मीद है कि जनवरी 2027 तक नया एस्ट्रोटर्फ तैयार हो जाएगा।
नया टर्फ बिछने के बाद लंबे समय से बंद पड़ी अखिल भारतीय महंत राजा सर्वेश्वरदास स्मृति हॉकी प्रतियोगिता के आयोजन का रास्ता भी साफ हो सकेगा।
5.64 करोड़ की लागत से बिछेगा नया एस्ट्रोटर्फ
जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष नए एस्ट्रोटर्फ के लिए स्वीकृति मिली थी। अब करीब 5.64 करोड़ रुपए की लागत से नया एस्ट्रोटर्फ लगाने का काम शुरू किया गया है।
शनिवार से पुराने टर्फ को उखाड़ने का काम मजदूरों ने शुरू कर दिया। बताया गया है कि करीब एक सप्ताह में पुराने एस्ट्रोटर्फ को पूरी तरह हटा दिया जाएगा। इसके बाद नए टर्फ को बिछाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
11 साल पहले 22 करोड़ से बना था स्टेडियम
करीब 11 साल पहले 22 करोड़ रुपए की लागत से पूरे स्टेडियम का निर्माण कराया गया था। इसमें एस्ट्रोटर्फ भी शामिल था। समय के साथ टर्फ खराब होने लगा और इसकी सतह कई जगह से उखड़ गई।
मैदान में जगह-जगह कीचड़ और काले धब्बे जमने की वजह से खिलाड़ियों के लिए यहां खेलना मुश्किल हो गया था। इसका असर प्रतियोगिताओं के आयोजन पर भी पड़ा।
80 साल पुरानी हॉकी प्रतियोगिता पर लगा ब्रेक
एस्ट्रोटर्फ खराब होने के कारण करीब 80 साल से चली आ रही अखिल भारतीय महंत राजा सर्वेश्वरदास स्मृति हॉकी प्रतियोगिता के आयोजन की परंपरा भी प्रभावित हुई।
नया एस्ट्रोटर्फ तैयार होने के बाद इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता को दोबारा आयोजित करने की उम्मीद जगी है।
स्प्रिंकलर और फ्लड लाइट की भी जरूरत
नए एस्ट्रोटर्फ के साथ मैदान की अन्य सुविधाओं को बेहतर करने की जरूरत भी सामने आ रही है। टर्फ की सफाई और पानी डालने के लिए इस्तेमाल होने वाला स्प्रिंकलर खराब बताया गया है। इसे ठीक करना जरूरी होगा, तभी मैदान पर नियमित मैच कराए जा सकेंगे।
इसके अलावा लंबे समय से फ्लड लाइट लगाने की मांग भी की जा रही है। पवेलियन के दोनों तरफ दर्शकों और खिलाड़ियों को धूप से बचाने के लिए कुर्सियों के ऊपर शेड लगाने की मांग भी सामने आई है।
