केतन अग्रवाल मर्डर केस में बड़ा मोड़, रितेश हिंगे गिरफ्तार

केतन अग्रवाल मर्डर केस में बड़ा मोड़, रितेश हिंगे गिरफ्तार

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में करीब 80 दिन बाद तीसरी गिरफ्तारी हुई है। पुणे ग्रामीण पुलिस ने 22 वर्षीय रितेश हिंगे को गिरफ्तार किया है। वह मूल रूप से बीड जिले का रहने वाला है और फिलहाल पुणे के बालेवाड़ी इलाके में एक निजी कंपनी में काम करता था। पुलिस जांच के मुताबिक, रितेश हिंगे मुख्य आरोपी चेतन चौधरी और सिया गोयल का कॉलेज का दोस्त रहा है। दोनों को इस मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। सिया गोयल केतन अग्रवाल की मंगेतर थी।

डिलीटेड WhatsApp चैट से सामने आया रितेश का नाम

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान साइबर और फॉरेंसिक टीमों की मदद से मुख्य आरोपी के मोबाइल फोन से डिलीट की गई WhatsApp चैट बरामद की गईं। इन चैट के आधार पर पुलिस को रितेश के बारे में अहम जानकारी मिली।

पुलिस को शक है कि रितेश को कथित हत्या की साजिश के बारे में पहले से जानकारी हो सकती थी। जांच में यह भी सामने आया कि 18 जून को सिया और चेतन ने रितेश को अपने साथ लोहगढ़ किले चलने के लिए कहा था। हालांकि, रितेश ने कथित तौर पर उनके साथ किले पर जाने से इनकार कर दिया था।

हत्या के बाद भी आरोपियों के संपर्क में था रितेश

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि घटना के बाद रितेश आरोपियों के संपर्क में रहा। इसी आधार पर पुलिस अब उसकी भूमिका की विस्तृत जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या रितेश को पूरी साजिश की जानकारी थी, उसने किसी स्तर पर आरोपियों की मदद की थी या घटना के बाद सबूत छिपाने में उसकी कोई भूमिका रही थी। हालांकि, रितेश की सटीक भूमिका अभी जांच का विषय है और पुलिस की पूछताछ के बाद ही तस्वीर स्पष्ट होगी।

लोहगढ़ किले से नीचे फेंकने का आरोप

पुणे ग्रामीण पुलिस के मुताबिक, केतन अग्रवाल की कथित हत्या 18 जून को लोनावला के लोहगढ़ किले में हुई थी। आरोप है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी केतन को किले पर लेकर गए और वहां से नीचे फेंक दिया। घटना के बाद पुलिस ने सिया और चेतन को गिरफ्तार किया था। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और यह पता लगाने की कोशिश शुरू हुई कि कथित साजिश में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।

12 सितंबर तक पुलिस हिरासत में रितेश

गिरफ्तारी के बाद रितेश हिंगे को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे 12 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। अब पुलिस उससे पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि हत्या की कथित साजिश कब तैयार हुई, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और घटना के बाद आरोपियों ने किसी अन्य व्यक्ति की मदद ली थी या नहीं। फिलहाल मामले में रितेश की गिरफ्तारी के बाद जांच को नया एंगल मिला है और पुलिस डिलीटेड चैट समेत अन्य डिजिटल एवं फॉरेंसिक सबूतों की भी पड़ताल कर रही है।

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