🔸रक्षा सूत्र बाँधने का शुभ मुहूर्त🔸
30 अगस्त रात्रि 9:02 से 11:13 बजे तक – शुभ अमृत चौघड़िया
31 अगस्त प्रातः 3:32 से 4:54 तक – ब्रह्म मुहूर्त लाभ चौघड़िया
31 अगस्त सुबह 6:21 से 7:06 तक – शुभ चौघड़िया
🔹रक्षाबंधनः संकल्पशक्ति का प्रतीक🔹
🔸रक्षाबंधन के दिन बहन भैया के ललाट पर तिलक-अक्षत लगाकर संकल्प करती है कि ‘मेरा भाई भगवत्प्रेमी बने । जैसे शिवजी त्रिलोचन हैं, ज्ञानस्वरूप हैं, वैसे ही मेरे भाई में भी विवेक-वैराग्य बढ़े, मोक्ष का ज्ञान, मोक्षमय प्रेमस्वरूप ईश्वर का प्रकाश आये । मेरा भाई धीर-गम्भीर हो । मेरे भैया की सूझबूझ, यश, कीर्ति और ओज-तेज अक्षुण्ण रहें ।’ भाई सोचें कि ‘हमारी बहन भी चरित्रप्रेमी, भगवत्प्रेमी बने ।’
🔸इस पर्व पर धारण किया हुआ रक्षासूत्र सम्पूर्ण रोगों तथा अशुभ कार्यों का विनाशक है । इसे वर्ष में एक बार धारण करने से वर्ष भर मनुष्य रक्षित हो जाता है । (भविष्य पुराण)
🔸रक्षाबंधन के पर्व पर बहन भाई को आयु, आरोग्य और पुष्टि की बुद्धि की भावना से राखी बाँधती है । अपना उद्देश्य ऊँचा बनाने का संकल्प लेकर ब्राह्मण लोग जनेऊ बदलते हैं ।

