चाय-कॉफी के घातक दुष्परिणाम, जानिए इनके केमिकल्स से होनेवाली हानियाँ

🔹चाय-कॉफी के घातक दुष्परिणाम🔹

🔸चाय-कॉफी में पायें जानेवाले केमिकल्स से होनेवाली हानियाँ :🔸

🔸१) केफिन : उर्जा व कार्यक्षमता में कमी आती है । कैल्शियम, पोटेशियम, सोडियम, मैग्नेशियम आदि खनिजों का नुकसान होता है । कोलेस्ट्राल बढ़ता है, ह्रदयाघात हो सकता है । पाचनतंत्र को हानि होती है । कब्ज और वबासिर होती है । विटामिन ‘बी’ को क्षति पहुँचता है । रक्तचाप बढ़ता है । अम्लता बढती है । नींद कम आती है । सिरदर्द, चिडचिडापन, मानसिक तनाव होते है । गुर्दे और यकृत ख़राब होते है । मधुमेह (डायबिटीज) बढता है । शुक्राणुओं को हानि करता है । वीर्य पतला होता है और प्रजननशक्ति कम होती है । चमड़ी को हानि करता है । गर्भस्थ शिशु के आराम में विक्षेप करता है, जो जन्म के बाद उसके विकृत व्यवहार का कारण होता है । चाय – कॉफी अधिक पीनेवाली महिलाओ की गर्भधारण की क्षमता कम होती है ।

🔸गर्भवती स्त्री चाय पीती है तो नवजात शिशु जन्म के बाद सोता नहीं है । उत्तेजित और अशांत रहता है, हाथों और घुटनों की चमड़ी खुजलाता रहता है । कभी-कभी ऐसे शिशु जन्म के बाद ठीक तरह से श्वास नहीं ले सकते और मर जाते हैं । संधिवात, जोड़ों का दर्द, गठिया आदि होते है ।

🔸२) टेनिन : इससे अजीर्ण, कब्ज, यकृत को हानि होती है । आलस्य, प्रमाद बढ़ता है, चमड़ी को रुक्ष बनाता है ।

🔸३) थीन : इससे खुश्की चढती है, सिर में भारीपन महसूस होता है ।

🔸४) सायनोजन : अनिद्रा, लकवा जैसी भयंकर बीमारियाँ पैदा करता है ।

🔸५) एरोमिक ऑयल : आँतों पर हानिकारक प्रभाव डालता है ।

🔸अधिक चाय-कॉफ़ी पीनेवालों को चक्कर आना, गले के रोग, रक्त की अशुद्धि, दांतों के रोग और मसूड़ों की कमजोरी की तकलीफ होती है ।

 

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