NASA का Nancy Grace Roman Space Telescope अंतरिक्ष में अपनी उड़ान के लिए तैयार हो गया है। मिशन ने एक अहम पड़ाव पार करते हुए अंतिम लॉन्च तैयारियों में प्रवेश कर लिया है। NASA और SpaceX के मुताबिक, टेलीस्कोप को 30 अगस्त को Falcon Heavy रॉकेट से लॉन्च करने का लक्ष्य रखा गया है। यह मिशन ब्रह्मांड के विस्तार, उसके विकास और हमारे सौर मंडल के बाहर मौजूद ग्रहों यानी एक्सोप्लैनेट्स के अध्ययन में नई जानकारी जुटाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
लॉन्च से पहले पूरा हुआ Flight Readiness Review
फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर में NASA, Roman Space Telescope मिशन टीम और SpaceX के अधिकारियों ने शुक्रवार को Flight Readiness Review किया। इस समीक्षा के दौरान टेलीस्कोप, रॉकेट, लॉन्च साइट और मिशन से जुड़े दूसरे महत्वपूर्ण पहलुओं की तैयारियों का मूल्यांकन किया गया। समीक्षा के बाद मिशन अधिकारियों ने Roman को अंतिम लॉन्च तैयारियों की ओर बढ़ने की मंजूरी दे दी। NASA और SpaceX ने फिलहाल 30 अगस्त को सुबह 7:26 बजे EDT से पहले लॉन्च नहीं करने का लक्ष्य रखा है।

Falcon Heavy से अंतरिक्ष में जाएगा Roman
Nancy Grace Roman Space Telescope को SpaceX के Falcon Heavy रॉकेट से लॉन्च किया जाएगा। यह SpaceX के सबसे शक्तिशाली लॉन्च वाहनों में से एक है और इसमें तीन जुड़े हुए रॉकेट बूस्टर इस्तेमाल होते हैं। Roman को फिलहाल Falcon Heavy की सुरक्षा फेयरिंग के अंदर रखा गया है। यह फेयरिंग लॉन्च के दौरान टेलीस्कोप को पृथ्वी के वायुमंडल और तेज वायुगतिकीय दबाव से बचाने का काम करती है। अगले चरण में टीम टेलीस्कोप को SpaceX के पैड 39A स्थित हैंगर में ले जाएगी। इसके बाद सुरक्षित रूप से पैक किए गए Roman को रॉकेट से जोड़ा जाएगा। अंतिम तैयारियां पूरी होने के बाद पूरे रॉकेट को लॉन्च पैड तक पहुंचाया जाएगा।
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ब्रह्मांड के बड़े सवालों की तलाश करेगा Roman
Roman Space Telescope को ब्रह्मांड के बड़े और अब तक पूरी तरह अनसुलझे सवालों का अध्ययन करने के लिए तैयार किया गया है। वैज्ञानिक इसके जरिए यह समझने की कोशिश करेंगे कि ब्रह्मांड समय के साथ कैसे विकसित हुआ और उसके विस्तार को प्रभावित करने वाली प्रक्रियाएं क्या हैं। टेलीस्कोप की एक खासियत यह होगी कि यह आसमान के बड़े हिस्से का सर्वेक्षण कर सकेगा। इससे वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड की संरचना और उसके इतिहास को व्यापक स्तर पर समझने में मदद मिल सकती है।
एक्सोप्लैनेट्स पर भी रहेगी नजर
Roman का मिशन सिर्फ दूर के ब्रह्मांड तक सीमित नहीं रहेगा। यह हमारे सौर मंडल के बाहर मौजूद ग्रहों यानी एक्सोप्लैनेट्स का भी अध्ययन करेगा। इन अवलोकनों से वैज्ञानिकों को अलग-अलग तारों के आसपास मौजूद ग्रह प्रणालियों को समझने और यह जानने में मदद मिल सकती है कि ये दूरस्थ दुनिया किस तरह बनीं और विकसित हुईं। अगर 30 अगस्त का लॉन्च निर्धारित योजना के मुताबिक होता है, तो Roman Space Telescope NASA के अंतरिक्ष अनुसंधान कार्यक्रम में एक नया अध्याय जोड़ सकता है। इसका व्यापक आकाश सर्वेक्षण आने वाले वर्षों में ब्रह्मांड और दूरस्थ ग्रहों को समझने के लिए वैज्ञानिकों को महत्वपूर्ण डेटा उपलब्ध करा सकता है।
