चीन के तिब्बत और नेपाल की सीमा के पास 26 अगस्त की सुबह आई भीषण फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के बाद हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। ग्लेशियर टूटने और भारी मलबे के साथ आई अचानक बाढ़ ने रसुवा समेत कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। तीन दिन बाद नदी का बहाव कुछ शांत हुआ है, लेकिन प्रभावित इलाकों में अब हर तरफ मलबा नजर आ रहा है। इसी मलबे में राहत और बचाव दल लापता लोगों तथा शवों की तलाश कर रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 475 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 1600 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें करीब 290 भारतीय नागरिक शामिल हैं।
350 मजदूरों को हाइड्रोपावर टनल से निकाला गया
बाढ़ के दौरान त्रिशूली हाइड्रोपावर की टनल में करीब 350 मजदूर और कर्मचारी फंस गए थे। नेपाली सेना की टीम ने अभियान चलाकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस परियोजना में कई भारतीय मजदूर भी काम कर रहे थे। नेपाल पुलिस के अनुसार, अब तक करीब 1600 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इनमें 796 लोगों को हेलीकॉप्टर और 796 लोगों को जमीनी रास्ते से रेस्क्यू किया गया।
चितवन में मिले सबसे ज्यादा शव
बाढ़ के बाद चितवन जिले से सबसे अधिक 137 शव बरामद किए गए हैं। रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, तनहुं और नवलपरासी जिलों से भी शव मिलने की जानकारी सामने आई है। बड़ी संख्या में लोगों के अब भी लापता होने के कारण प्रभावित क्षेत्रों में खोज अभियान जारी है। टूटे हुए रास्तों और पुलों की वजह से बचाव दलों के सामने भी कई चुनौतियां हैं।

35 पुल और 45 सस्पेंशन ब्रिज तबाह
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ में 35 पुल और 45 सस्पेंशन ब्रिज बह गए हैं। इससे कई क्षेत्रों का संपर्क टूट गया है। इसके अलावा करीब 40 किलोमीटर सड़कें और 13 जलविद्युत परियोजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। कई वाहन भी तेज बहाव की चपेट में आए हैं। बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान के कारण राहत और बचाव कार्य प्रभावित इलाकों तक पहुंचाने में मुश्किलें आ रही हैं।
भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा दो दिन के लिए बंद
भीषण बाढ़ का असर भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय बस सेवा पर भी पड़ा है। दिल्ली परिवहन निगम (DTC) ने सुरक्षा कारणों से 28 और 29 अगस्त को दिल्ली-काठमांडू बस सेवा रोकने का फैसला किया है। भारी फ्लैश फ्लड के कारण दिल्ली-काठमांडू मार्ग पर आवाजाही प्रभावित हुई है। हालात सामान्य होने तक यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।

तिब्बत में फंसे 555 पर्यटकों को निकाला गया
नेपाल में तबाही के बीच तिब्बत में भी कई लोग प्रभावित हुए। चीनी अधिकारियों के हवाले से आई जानकारी के अनुसार, तिब्बत में फंसे 555 पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि बचाए गए इन पर्यटकों में से किसी का नाम नेपाल की ओर से जारी लापता या प्रभावित लोगों की सूची में शामिल है या नहीं। उनकी राष्ट्रीयता को लेकर भी जानकारी सामने नहीं आई है।
कई देशों के नागरिक प्रभावित
नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा के बाद 30 से अधिक देशों के नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका ने भी अपने नागरिकों के प्रभावित या लापता होने की जानकारी दी है। भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और श्रीलंका ने राहत एवं बचाव कार्य में मदद की पेशकश की है। वहीं, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी प्रशासन को सतर्क रखा गया है। नेपाल में नदी का उफान कम होने के बावजूद संकट अभी खत्म नहीं हुआ है। मलबे के नीचे दबे लोगों और शवों की तलाश के साथ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।
