धन – सम्पदा के स्थायी निवास हेतु

धन – सम्पदा के स्थायी निवास हेतु🔹*

*‘ॐ ह्रीं गौर्यै नम: ।’*
*इस मंत्र से ७ बार अभिमंत्रित करके अन्न का भोजन करनेवाले के पास सदा श्री ( धन – सम्पदा ) बनी रहती है