रक्षा बंधन : 11 अगस्त 2022🔹*
*पूर्णिमा 11 अगस्त सुबह 10:38 से 12 अगस्त सुबह 07:05 तक*
🔹 *रक्षाबंधन : संकल्पशक्ति का प्रतीक*🔹
*🔹रक्षासूत्र बांधने का मंन्त्र:*
*येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः ।*
*तेन त्वां अभिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल ।।*
🔹 *रक्षाबंधन के दिन बहन भैया के ललाट पर तिलक-अक्षत लगाकर संकल्प करती है कि ‘मेरा भाई भगवत्प्रेमी बनें । जैसे शिवजी त्रिलोचन हैं, ज्ञानस्वरूप हैं, वैसे ही मेरे भाई में भी विवेक-वैराग्य बढ़े, मोक्ष का ज्ञान, मोक्षमय प्रेमस्वरूप ईश्वर का प्रकाश आयें । मेरा भाई धीर-गम्भीर हो । मेरे भैया की सूझबूझ, यश, कीर्ति और ओज-तेज अक्षुण्ण रहें ।’ भाई सोचें कि ‘हमारी बहन भी चरित्रप्रेमी, भगवत्प्रेमी बनें ।’*
🔹 *इस पर्व पर धारण किया हुआ रक्षासूत्र सम्पूर्ण रोगों तथा कार्यों का विनाशक है । इसे वर्ष में एक बार धारण करने से वर्ष अशुभ भर मनुष्य रक्षित हो जाता है ।*
🔹 *रक्षाबंधन के पर्व पर बहन भाई को आयु, आरोग्य और पुष्टि की वृद्धि की भावना से राखी बाँधती है । अपना उद्देश्य ऊँचा बनाने का संकल्प लेकर ब्राह्मण लोग जनेऊ बदलते हैं । (भविष्य पुराण)*

