मुख्यमंत्री के रूप में पौने चार साल के कार्यकाल में भूपेश बघेल ने जो लोकप्रियता और राष्ट्रीय ख्याति हासिल की है ऐसा दूसरा उदाहरण विरला ही मिलेगा।भूपेश बघेल के व्यक्तित्व का ठोस पहलू उनकी जुझारू प्रवित्ति है। जो लक्ष्य निर्धारित कर लिया फिर उससे पीछे हटने की उनकी तासीर नही है।
सकारात्मकता ही परिस्थितियों से निपटने का कारण…
उनकी सहजता और परिस्थितयो से निपटने का सकारात्मक नजरिया ही उनकी सफलता के सबसे बड़े कारण हैं। गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रचनात्मक व्यक्तित्व की परिणती है।

सुशील आनंद शुक्ला (प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख)
4 सालों में ही देश के छत्तीसगढ़ मॉडल आया सामने
इन चार सालों में देश के सामने विकास का एक अभिनव छत्तीसगढ़ मॉडल सामने आया। छत्तीसगढ़ मॉडल पिछले अनेक मॉडलों से अभिनव इसलिये है कि इसके पहले जो मॉडल सामने लाये गये वह समग्र विकास के नहीं थे, उन मॉडलों में विषय विशेष के विकास की बातें थी। छत्तीसगढ़ मॉडल राज्य के हर नागरिक के सर्वांगीण विकास की बात करता है। छत्तीसगढ़ मॉडल में सिर्फ बड़ी अट्टालिकायें और बड़े-बड़े कांक्रीट के जंगलों को बसाने को विकास का पैमाना नहीं माना गया। छत्तीसगढ़ मॉडल में राज्य के आम आदमी के सशक्तीकरण उनके आर्थिक उन्नति के योजनायें बनाई गयी। उद्योग व्यापार और खेती किसानी के विकास के बराबर की योजनायें समान रूप से छत्तीसगढ़ मॉडल में है।
किसानों का किया कर्जा माफ…
इस मॉडल में उद्योगों को सिंगल विंडो की सुविधायें दी गयी है तो साथ ही किसानों का कर्जा माफ किया गया। साथ ही उनकी ऊपज की भरपूर कीमत देने के भी इंतजाम किये गये, राजीव गांधी किसान न्याय योजना में किसानों को इन्पुट सब्सिडी देकर उनके आर्थिक उन्नति के द्वार खोले गये। साथ ही भूमिहीन किसानों के भी समृद्धि का अवसर दिया जा रहा है। गोधन न्याय योजना के गोबर और गो मूत्र जैसी वस्तु से भी आम आदमी के आर्थिक आत्मनिर्भरता के रास्ते विकास के नये छत्तीसगढ़ मॉडल में ही संभव है। कोरोना काल में जब देश भर के मजदूर अपनी रोजी रोटी छोड़कर जान बचाने अपने घरों को पैदल वापस जा रहे थे तब भूपेश बघेल के छत्तीसगढ़ मॉडल में एक दिन में 28 लाख तक मजदूरों को मनरेगा में रोजगार दिया जा रहा था।
जन घोषणा पत्र के 36 प्रमुख वायदों में से 30 से अधिक वायदों को कर चुकी है पूरा..
पौने चार साल के कार्यकाल में कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने अपने चुनावी घोषणा पत्र के वायदों को पूरा करने जिस तन्मयता और मनोवेग से प्रभावी कदम उठाया है वह देश की अन्य सरकारों के लिये नजीर है। यह भी विकास के छत्तीसगढ़ मॉडल में ही संभव है। अमूमन देखने में आता है कि राजनैतिक दल चुनावों में जनता का मत लेने अपने घोषणा पत्र में लोक लुभावने वायदे करते है लेकिन सरकार में आने के बाद उनकी प्राथमिकता में घोषणा पत्र के वायदे पीछे छूट जाते है। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार इससे अलग अपने चुनावी घोषणा पत्र के हर वायदे को पूरा करने कार्ययोजना बना चुकी है। कांग्रेस ने अपने जन घोषणा पत्र के 36 प्रमुख वायदों में से 30 से अधिक वायदों को पूरा कर चुकी है। पौने चार साल के कार्यकाल में सरकार ने आधा समय कोरोना महामारी से निपटने में लगाया उसके बावजूद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस सरकार की अपने वायादों को पूरा करने की प्रतिबद्धता ही है कि पांच साल के लिये किये गये 36 वायदों में 30 वायदों को सरकार ने पूरा कर दिखाया और अन्य महत्वपूर्ण वायदों को पूरा करने के लिये कार्यवाहियां शुरू की जा चुकी है। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम के स्कूल गरीब बच्चों की अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई छत्तीसगढ़ मॉडल का नया सफल शोध है।
राज्य के चहुमुखी विकास की ओर दिया ध्यान..
कुशल प्रशासक के नाते उन्होंने राज्य के चहुमुखी विकास की ओर ध्यान दिया ।सरकार की योजनाओं के केन्द्र में भले ही किसान और गांव हो लेकिन राज्य की औद्योगिक और व्यापारिक प्रगति में किसी भी प्रकार की बाधाएं नही आये इसके लिये उन्होने पूरे इंतजाम किए ।उद्योगों की जमीन फ्री होल्ड करने के साथ उद्योगों को बिजली पानी की उपलब्धता के साथ फूड और खाद्य पदार्थ आधारित उद्योगों के लिए विशेष योजनाएं बनवाया । 5 डिसमिल तक जमीनों की बन्द रजिस्ट्री को शुरू करना , भूमि की कलेक्टर गाइड लाइन में कमी ,जमीनों के डायवर्सन के नियमो में ढिलाई देने के लिए भूपेश बघेल जैसी ही समग्र दृष्टि चाहिए।
पौने चार साल की सरकार में अपने घोषणा पत्र के 36 में से 30 वायदे पूरा कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी वायदों को पूरा करने की वचन बद्धता को दिखाया है।
गौधन न्याय योजना गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को कर रही साकार…
नरवा गरवा घुरवा बाड़ी के बाद राजीव गांधी किसान न्याय योजना तथा गौ धन न्याय योजना मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की समग्र ग्राम्य विकास की सोच को प्रदर्शित करता है तथा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को साकार कर रही है।
वे कहते है हमारे विकास के केंद्र में आम आदमी का शशक्ति करण है ।बड़े बड़े भवन बना कर आप विकास का दिखावा तो कर सकते है लेकिन जब तक हम आम आदमी को शसक्तीकरण नही करेंगे उनके रोजगार की दिशा में ध्यान नही देगे सही मायने में हम विकास से दूर रहेंगे यही कारण है छत्तीसगढ़ सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों का मानदेय 2500 से बढ़ा कर 4000 रु कर दिया। 32लघुवनोपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य में खरीदने की शुरुआत की गई ।केंद्र सरकार के लाख अवरोध के बाद के धान उत्पादक किसानों को 2500 रु मूल्य मिले इसके लिए योजना बनाया गया।राज्य बहुफसली कृषि की ओर बढ़े इस हेतू राजीव गांधी न्याय योजना में मक्का ,गन्ना ,दलहन उत्पादक किसानों के साथ सीमांत और भूमि हीन किसानों की सशकक्तीकरण पर जोर दिया गया। गो धन न्याय योजना में गोबर खरीदने की जो अभिनव योजना उन्होंने शुरू की तब वैचारिक रूप से कांग्रेस के चिर विरोधी रास्ट्रीय स्वयम सेवक संघ के पदाधिकारी भी इसकी तारीफ करने से खुद को रोक नही पाए मुख्यमंत्री निवास उनका अभिनन्दन करने पहुच गए। धमतरी के कंडेल से गांधी जी की याद में पद यात्रा निकाल कर उन्होंने स्प्ष्ट सन्देश दिया कि उनकी सरकार गांधी जी के आदर्शों पर चलने वाली है ।नरवा गरवा घुरवा बाड़ी उन्होंने अपने घोषणा पत्र में शामिल किया था तब भी विपक्षी उनके इस योजना के निहितार्थ को नही समझ पाए थे ।जब उन्होंने गो धन न्याय योजना शुरू की तब आरएसएस जैसा घोर कांग्रेस विरोधी संगठन भी यह समझ गया कि भूपेश बघेल ने महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज को साकार करने को जो बीड़ा उठाया है इसकी सफलता में सन्देह की कोई गुंजाइश नही ।
श्री राम वन गमन मार्ग का संरक्षण और सौंदर्यीकरण…
श्री राम वन गमन मार्ग संरक्षण से ले कर कौशल्या माता मंदिर के सौंदर्यीकरण ,के साथ छत्तीसगढ़ी तीज त्योहारों को मुख्यमंत्री निवास में मनाने की परंपरा शुरू कर भूपेश बघेल ने साबित कर दिया कि उनका अपनी संस्कृति और माटी से कितना नजदीकी जुड़ाव है तथा एक राजनेता के नाते वे जन समुदाय की नब्ज टटोलना वे बेहतर जानते है। कृष्ण कुंज की कल्पना मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जैसे संस्कृति से जुड़े नेता की ही कल्पना हो रही है।
मुख्यमंत्री के रूप में भूपेश बघेल सही मायने में कांग्रेस की रीतिनीति के असली ध्वज वाहक के रूप में सामने आए हैं ।काम करने की आक्रमक शैली अपनी बेहतरीन समझ और मुद्दों पर बेबाक राय और के कारण भूपेश बघेल की रास्ट्रीय स्तर पर छवि बनी है ।
भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस के खिलाफ वैचारिक लड़ाई में भूपेश बघेल कांग्रेस के सबसे बड़े झंडाबरदार के रूप में सामने आए हैं।आजादी की लड़ाई में हिन्दू महासभा की भूमिका ,वीर सावरकर, नाथूराम गोंड़से के बारे भाजपा को कटघरे में खड़ा करने के अपने तर्कों से भूपेश बघेल विरोधियों को भी निरुत्तर कर देते है।
2019 के लोकसभा चुनावों में और उसके पहले 2018 के विधानसभा चुनावों राहुल गांधी ने अनेको जन सभाओ में जनता के सामने कांग्रेस की सरकारों का जो विजन प्रस्तुत किया था भूपेश बघेल उस विजन को साकार रूप देने में पूरी तन्मयता से जुटे हुए है,2019 में केंद्र में कांग्रेस की सरकार नही बनने से राहुल जिस न्याय योजना को देश मे नही लागू करवा पाए भूपेश बघेल उस न्याय योजना को विभिन्न स्वरूपो में छत्तीसगढ़ में लागू करने में सफल हो रहे हैं।

